उपलब्धि : मंगल महुडी–आनास खंड में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का कमीशनिंग

  • रेल परिचालन क्षमता एवं संरक्षा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
  • एक वित्तीय वर्ष में भारतीय रेलवे के किसी भी मंडल द्वारा सबसे अधिक ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम की कमीशनिंग

रतलाम। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने रेल परिचालन की सुरक्षा, क्षमता एवं दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रतलाम मंडल के मंगल महुडी–आनास खंड (41.6 किलोमीटर) में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग दिनांक 28 फरवरी 2026 को किया गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह कार्य गोधरा – नागदा ‘ए’ श्रेणी रूट के अंतर्गत मात्र 10 घंटे के नियोजित ट्रैफिक ब्लॉक में एक साथ पूर्ण किया गया, जो रतलाम मंडल के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस कार्य को संकेत एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मंडल के परिचालन एवं अन्य विभागों के उत्कृष्ट समन्वय के कारण ही संभव हुआ है।
इस कमीशनिंग के साथ रतलाम मंडल के गोधरा–नागदा खंड में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग की कुल लंबाई 150.96 किलोमीटर से बढ़कर 192.56 किलोमीटर हो गई है जो भारतीय रेलवे के किसी भी मंडल द्वारा एक वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक लंबी ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम की कमीशनिंग है। इससे लाइन क्षमता में वृद्धि, ट्रेनों के सुरक्षित संचालन तथा समयपालन में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम में 100 प्रतिशत रिडंडेंसी के साथ ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली लगाया गया है।
मंगल महुडी–जैकोट, दाहोद- बोरडी, बोरडी – अनास खंड में तीन नए ऑटो हट्स की स्थापना की गई है तथा सभी ऑटो हट्स पर नवीन आईपीएस प्रणाली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही मंगल महुडी, जैकोट, रेटिया, दाहोद, बोरडी एवं अनास स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में आवश्यक परिवर्तन के साथ ही 47 नए चार-आस्पेक्ट ऑटोमैटिक सिग्नल एवं 30 मौजूदा सिग्नलों का चार-आस्पेक्ट सेमी-ऑटोमैटिक सिग्नल में उन्नयन किया गया है।
इसके अंतर्गत आधुनिक डेटा लॉगर, फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम, अर्थ लीकेज डिटेक्टर आदि भी लगाया गया है। इस ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य से अधिक ट्रेनों का सुरक्षित एवं सुचारू संचालन संभव होगा, ट्रेनों की गति में सुधार आएगा तथा भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे संरचना और अधिक मजबूत होगी।
रतलाम मंडल आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध एवं विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और इसी दी दिशा में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम का कार्य किया जा रहा है।

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