सरदार पटेल की प्रतिमा स्थल पर उमड़ा जनसैलाब, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का दिया संदेश


जावरा (अभय सुराणा) । लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में निकाली जा रही सरदार एकता रथ यात्रा शनिवार को जावरा पहुँची, जहां सर्व समाज के लोगों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया। रतलाम होते हुए सुबह जावरा पहुंची इस यात्रा का स्वागत सरदार पटेल प्रतिमा प्रांगण (बटालियन के सामने) किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर सरदार के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। यात्रा के माध्यम से लोगों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, उनके त्याग और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान से प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। रथ में सरदार वल्लभभाई पटेल के दैनिक जीवन से जुड़ी कई ऐतिहासिक वस्तुएँ जिसमें उनके वस्त्र, चरण पादुकाएं, डायरी तथा अन्य व्यक्तिगत वस्तुएँ शामिल हैं। इन वस्तुओं को देखकर उपस्थित लोगों ने सरदार के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पणभाव की प्रेरणा ली।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
सरदार एकता यात्रा के साथ अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यात्रा संयोजक वी. सतीश भाई पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मनु भाई पटेल, बाबू भाई पटेल सहित कई प्रमुख लोग यात्रा में शामिल रहे। इनके साथ ही के.के.सिंह कालूखेड़ा, कान्हसिंह चौहान, भेरुलाल पाटीदार, डॉ. दिलीप शाकल्य, देवेंद्र शर्मा, कीर्तिशरण सिंह, हरिराम शाह, प्रदीप शर्मा, रतनलाल लाकड़, हीरालाल पाटीदार, बालमुकुंद पाटीदार, अमृत पटेल, अरविंद पाटीदार, महादेव पाटीदार, संगीता पाटीदार, शांतिलाल पाटीदार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं नागरिक मौजूद रहे।
देश की एकता का प्रतीक हैं सरदार पटेल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की रियासतों को एकसूत्र में बांधकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। आज भी उनका जीवन और विचार देश की एकता और अखंडता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यात्रा के स्वागत के दौरान पूरे वातावरण में जय सरदार – सबके सरदार के नारों के साथ देशभक्ति और एकता का संदेश गूंजता रहा। जावरा पहुंचने के बाद यात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यात्रा जावरा से मंदसौर की और प्रस्थान किया। यात्रा मध्यप्रदेश के 28 जिलों में भ्रमण करेगी।