अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त जनता का फूटा गुस्सा, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

जावरा (अभय सुराणा) । भीषण गर्मी के चलते आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसे में विद्युत कंपनी द्वारा की जा रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। इसी समस्या को लेकर बुधवार को बिजली पीड़ित उपभोक्ता समिति के सदस्यों ने नवागत तहसीलदार सहदेव मोरे को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
समिति ने ज्ञापन में बताया कि झुलसाती गर्मी के बीच पंखे और कूलर ही राहत का एकमात्र सहारा हैं, लेकिन बिजली विभाग द्वारा प्रतिदिन 4 से 6 घंटे तक अघोषित कटौती किए जाने से लोग असहनीय गर्मी झेलने को मजबूर हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार मरीज इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
समिति के अनुसार, मेंटेनेंस के नाम पर की जा रही इस अघोषित कटौती से दमा और अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं छोटे बच्चों को गर्मी में बिलखते देखा जा सकता है। कई आवश्यक दवाइयां फ्रिज में सुरक्षित रखी जाती हैं, लेकिन घंटों बिजली बंद रहने से इनके खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि बिजली विभाग का हेल्प डेस्क फोन तक नहीं उठाता, जिससे लोगों को यह तक जानकारी नहीं मिल पाती कि बिजली कब तक बहाल होगी।
समिति ने तहसीलदार से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर अघोषित6 बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए और विशेष रूप से सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जनसहयोग से बिजली कंपनी के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं एसडीएम को भी भेजी गई है।
इस दौरान समिति के सुनील पोखरना, निलेश मेहता, एडवोकेट उबेद अंसारी, गुड्डू पठान, असलम मेव, अली जमान, जगदीश सोलंकी, मुकेश धाकड़, जीवन सेनी, आरडी धाकड़, रईस कुरैशी, मोहम्मद हुसैन उर्फ भुरु, सिकंदर मेव, फरीद हुसैन मेव, शाहरुख डेविड सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

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