



रतलाम 7 मार्च । जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जनजागरूकता एवं जन सुरक्षा कार्यक्रम 2025–26 के अंतर्गत 7 मार्च को विधायक सभागृह, रतलाम में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रतलाम नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से लगभग 200–200 नागरिकों ने सहभागिता की। यह कार्यक्रम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती मिशा सिंह के नेतृत्व में संकट मोचन बल सेफ्टी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की विशेषज्ञ टीम द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली जीवनरक्षक तकनीकों एवं प्राथमिक बचाव उपायों की जानकारी देना है ।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को सर्पदंश की स्थिति में त्वरित बचाव एवं प्राथमिक उपचार, सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) तकनीक, तालाब या नदी में डूबने की स्थिति में बचाव एवं राहत की प्रक्रिया, तथा भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही जीवन रक्षा प्रणाली एवं आपदा के समय सतर्कता बरतने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से नागरिकों को यह बताया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय किस प्रकार समझदारी एवं त्वरित कार्रवाई से किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें तथा प्राप्त जानकारी को अपने परिवार एवं समाज तक पहुँचाकर आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें।