रतलाम । जिला विधिक सहायता अधिकारी के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को किया जाएगा। म.प्र. शासन द्वारा नेशनल लोक अदालत में संपत्तिकर, जलकर, उपभोक्ता प्रभार एवं अन्य करों के अधिभार में छूट के निर्देश जारी किए है। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय, रतलाम सहित तहसील न्यायालय, जावरा, आलोट एवं सैलाना में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों को अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित किया जाएगा। उक्त उद्देश्य से प्रिलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के अधिक से अधिक संख्या में निराकरण करने हेतु नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।
विद्युत प्रकरणों में छूट
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 14 मार्च को होने वाली नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निम्नानुसार छूट दी जाएगी।
(1) प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी।
(2) लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा।
उक्त छूट मात्र नेशनल लोक अदालत 14 मार्च में समझौता करने पर ही लागू होगी।
(1) उपभोक्ता/उपयोगकर्ता की विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/ संयोजनों के विरुद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा।
(2) आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभप्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरुद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।
(3) नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी।
जलकर एवं संपत्तिकर
- संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि रु. 50,000/- (रु. पचास हजार) तक बकाया हैं, पर मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट।
- संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि रु. 50,000/- (रू. पचास हजार) से अधिक तथा रु. 1,00,000/- (रु. एक लाख) तक बकाया हैं, पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत तक की छूट।
- संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि रू.1,00,000/- (रु. एक लाख) से अधिक बकाया है, पर मात्र अधिभार में 25 प्रतिशत तक की छूट।
- जलप्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें जलप्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि रु. 10,000/- (रु. दस हजार) तक बकाया हैं, पर मात्र अधिभार मैं 100 प्रतिशत की छूट।
- जलप्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें जलप्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि रु. 10,000/- (रु. दस हजार) से अधिक तथा 50,000/- (रु. पचास हजार) तक बकाया हैं, पर मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत तक की छूट।
- जलप्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें जलप्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार, तथा अधिभार की राशि रु. 50,000/- (रू. पचास हजार) से अधिक बकाया है, पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट।
- यह छूट मात्र एक बार ही दी जायेगी।
- 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिये यह छूट वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि पर देय होगी तथा 09 मई 2026, 12 सितम्बर 2026 एवं 12 दिसम्बर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल नौक अदालत के लिये यह छूट वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया राशि पर देय होगी।
- छूट उपरांत राशि अधिकतम दो किश्तों में जमा करवाई जा सकेगी, जिसमें से कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन जमा करवाना अनिवार्य होगा तथा शेष राशि अधिकतम एक माह में जमा करना अनिवार्य होगा।
- यह छूट उन निकायों में लागू नहीं होगी जहां लोक अदालत के दिनांक को निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ होकर आचार संहिता प्रभावशील होगी।
जिले की जनता से अपील की जाती है कि आपके विद्युत, जलकर एवं संपत्ति कर के मामलों को आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत निराकृत करवाकर उक्त छूट का लाभ ले सकते है।