रतलाम में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में आयकर अधिकारी एस.पी. डागर ने दी जानकारी


रतलाम, 14 मार्च। देश की प्रत्यक्ष कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। नए अधिनियम के माध्यम से पुराने जटिल प्रावधानों को हटाते हुए कानून की भाषा को सरल और स्पष्ट बनाया गया है, ताकि आम करदाता भी इसे आसानी से समझ सके और उसका पालन कर सके।
यह जानकारी आयकर अधिकारी एस.पी. डागर ने रतलाम में आयोजित एक जागरूकता कार्यशाला के दौरान पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से आयकर अधिनियम 1961 में लगातार संशोधन होते रहने के कारण कानून काफी जटिल और भ्रमपूर्ण हो गया था। नए अधिनियम में इन जटिलताओं को दूर करते हुए कानून को अधिक व्यवस्थित और उपयोगी बनाया गया है।
श्री डागर ने बताया कि नए अधिनियम में अनावश्यक और अप्रचलित प्रावधानों को हटाकर कानून को संक्षिप्त किया गया है। पुराने अधिनियम की 800 से अधिक धाराओं को घटाकर लगभग 536 कर दिया गया है। इसके साथ ही लगभग 1200 प्रावधानों और 900 स्पष्टीकरणों को हटाया गया है, जिससे कानून का स्वरूप अधिक स्पष्ट और समझने योग्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयकर रिटर्न को अपडेट करने की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है। पहले करदाता अपनी आयकर रिटर्न को दो वर्ष तक अपडेट कर सकते थे, जबकि अब यह अवधि बढ़ाकर चार वर्ष कर दी गई है। इससे करदाताओं को अपनी त्रुटियों को सुधारने और सही जानकारी देने के लिए अधिक समय मिलेगा।
इस अवसर पर कर सलाहकार परिषद के दिलीप पाटनी ने कहा कि वर्ष 1961 में बना आयकर अधिनियम समय के साथ कई संशोधनों के कारण अत्यधिक जटिल हो गया था। लगातार नए प्रावधान जुड़ने से इसमें कई प्रकार की कानूनी पेचीदगियां उत्पन्न हो गई थीं। कई बार कानून को पढ़ने पर अलग-अलग अर्थ निकलते थे, जिससे करदाताओं और कर सलाहकारों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि नए अधिनियम में भाषा को सरल बनाकर तथा अप्रचलित प्रावधानों को हटाकर इसे अधिक व्यवहारिक और आमजन के पालन के योग्य बनाया गया है।
कार्यशाला में चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन, कर सलाहकार परिषद, संभागीय उद्योग संघ तथा क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन के सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रतलाम अकाउंटेंट एसोसिएशन की ओर से आयकर अधिकारी एस.पी. डागर का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन कर निरीक्षक शिंबु कुमावत ने किया तथा आभार निशांत लोखंडे ने व्यक्त किया।