
जावरा (अभय सुराणा) । संगठन समाज के निर्माण और व्यक्तित्व के निखार का सबसे सशक्त माध्यम है। यह बिखरे हुए समाज को एकजुट कर लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। उक्त प्रेरणादायी विचार श्रमण संघीय युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषिजी म.सा. ने विहार के दौरान उन्हेल जैन स्थानक में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जावरा के सदस्यों से दर्शन-वंदन एवं चर्चा के समय व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि संगठन कार्यकुशलता को बढ़ाता है और हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाता है। साथ ही अपनी परंपराओं के प्रति संवेदनशील रहकर साधु-साध्वियों के प्रति निष्ठा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाज के भटके हुए बंधुओं को सही मार्ग दिखाने और गुरुभगवंतों के प्रति अटूट सेवा, सम्मान एवं समर्पण भाव रखने का संदेश दिया। युवाचार्य जी ने संगठन और समाज को एकता के सूत्र में बांधकर परंपरा को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री संघ जावरा के पूर्व महामंत्री संदीप रांका ने जानकारी देते हुए बताया कि युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषिजी म.सा. महावीर जयंती के अवसर पर खाचरोद नगर में विराजमान रहकर भगवान महावीर के संदेशों का श्रवण कराएंगे।
जावरा श्री संघ के सदस्यों द्वारा युवाचार्य जी से जावरा पधारने का विनम्र आग्रह किया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि “जावरा हमारे वरिष्ठ गुरुभगवंतों की भूमि है, आपकी विनती मेरी झोली में है।” इस दौरान उन्होंने लगभग 11 वर्ष पूर्व के जावरा प्रवास के संस्मरण भी साझा किए। चर्चा के दौरान पूर्व अध्यक्ष बंसतीलाल चपड़ोद, पारसमल बरडिया, वरिष्ठ चंद्रप्रकाश ओस्तवाल, समाजसेवी शेखर नाहर, श्रीपाल कोचट्टा, सुजानमल औरा, सुरेंद्र सुराणा कंवरसा एवं संदीप रांका सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।