संकीर्ण विचार परस्पर टकराव पैदा करतेअशांति पैदा करके हिंसा की चिंगारियां को जन्म देते हैं – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

अंबाजी (गुजरात ) 31 मार्च 2021 । संकीर्ण विचार परस्पर टकराव पैदा करतेअशांति पैदा करके हिंसा की चिंगारियां को जन्म देते हैं उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने गुजरात बॉर्डर अंबाजी प्रवेश पर प्रशासन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना दिलों में साकार किए बिना विश्व शांति की स्थापना नहीं हो सकती ।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण प्राणी जगत परमात्मा की अनमोल धरोहर है उनको सुख शांति पहुंचाना भगवान की भक्ति से बढ़कर है विश्व के सभी धर्मों का मूल संदेश भी यही।
राष्ट्रसंत ने कहा कि जाति पंथ प्रांत एक व्यवस्था के लिए होता है यदि टकराव संघर्ष और नफरत के बीजों का रोपण होता है तो मानवता और धर्म के नाम पर कलंक है ।
मुनि कमलेश ने कहा कि कुंठित विचारधारा अनु बम परमाणु बम से भी खतरनाक है एस इसको दूर करने के लिए विज्ञान और सरकार के पास कोई साधन नहीं है ।
जैन संत ने कहा कि हमारे सभी के सामूहिक प्रयासों से अहिंसा और शांति की स्थापना हो प्रेम और सद्भाव के फूल खिले भावनाओं को लेकर गुजरात की माटी को नमन करने के लिए आया हूं जैसे महात्मा गांधी जैसे विश्व शांति के दूत को जन्म दिया राजस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलमय विदाई दी तो गुजरात के आला अधिकारियों ने पलके बिछा के स्वागत किया बॉर्डर के ऊपर अंबा माताजी होते हुए खेडब्रह्मा पधारने की संभावना है जहां 4 अप्रैल को ऋषभदेव भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव को प्रवर्तक श्री विनय मुनि वागीश उप प्रवर्तक श्री गौतम मुनि गुणाकर एवं राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश आदि 10 के सानिध्य में अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

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