झुमरी तिलैया में जन्मे जैन संत कोडरमा के नगर गौरव प पूज्य गुरुदेव श्रमण मुनि श्री प्रांजल सागरजी महाराज का अपने अवतरण दिवस जैन मंदिर में मनाया गया

झुमरी तिलैया। झुमरीतिलैया के जैन मोहल्ला में महावीर प्रसाद-कुसुम देवी जैन के यहाँ जन्मे जैन संत परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रांजल सागर जी मुनिराज का जन्म दिवस जैन मंदिर में जैन संत मुनि श्री 108 पुण्यानंदी ओर मुनि श्री 108 शुभा नंदी के सानिध्य में मनाया गया जिसमें सर्व प्रथम श्री1008 आदिनाथ भगवान का अभिषेक शांतिधारा किया गया इसके पश्चात मुनि श्री का संगीत मय पूजन सुरेन्द जैन काला ,आशा जैन गंगवाल,नीलम जैन सेठी के निदेशन में किया गया। समाज के सदस्यों के साथ विद्यासागर जैन पाठशाला के बच्चों ने भी भाग लिया सभी ने मुनि श्री 108 प्रांजल सागर जी मुनिराज की पूजन भक्ति भाव और नाचते गाते किया ज्ञात हो कि आज से 15 वर्ष पूर्व आर्यक 105 विभा श्री का सानिध्य पाकर इनमें वैराग्य उत्पन्न हुआ उसके बाद जैन संत गुरु आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागरजी महाराज के पास शिक्षा प्राप्त कर 10 मार्च 2011 में सम्मेदशिखर जी के पहाड़ पर जैनेश्वरी दीक्षा को ग्रहण किये थे तभी से पूरे भारत मे अपने आचार्य के साथ पैदल विहार कर धर्म प्रभावना कर रहे है ।
इसी कड़ी में आचार्य संघ अभी मेरठ उत्तरप्रदेश में विराजमान है इस अवसर पर मुनि श्री 108 पुण्यानंद जी महाराज ने कहा कि वह नगरी धन्य है जहाँ जैन संतो का जन्म होता है क्यों कि जैन संत बनना आज के इस भौतिक युग मे बहुत कठिन है एक समय हाथों में भोजन करना,पूरी दुनिया पैदल भ्रमण करना, नहाना नही,केस को हाथों से उखाड़ना आदि बहुत ही किर्याये संयम से करना होता है जो आज के समय मे कठिन परिश्रम है।इस अवसर पर समाज के पदाधिकारीगण ने भी गुरु के प्रति उदगार ब्यक्त किये।इस अवसर पर समाज के सभी पदाधिकारी गण ओर सेकड़ो लोग उपस्थित रहे।
30 अप्रेल को स्थानीय जैन समाज द्वारा मुनि श्री के सानिध्य में महावीर भगवान का जन्म कल्याणक महामहोत्सव मनाया जाएगा इसी कड़ी में कल 28 अप्रेल को जैन महिला समाज के सदस्यों और आचार्य विद्यासागर पाठशाला के बच्चों द्वारा गोशाला में जाकर गाय को चारा,चोकड़, गुड़,रोटी आदि सभी गाय को खिलाया जाएगा इन सभी कार्यक्रम में समाज के लोग उपस्थित रहेंगे।कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा,नवीन जैन ने दी।

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