आहार में सात्विकता विचारों में निर्मलता जीवन में शालीनता का समावेश हो जाए, अच्छे संस्कारों का बीजारोपण हो जाए तो वह चलता फिरता तीर्थ बन जाएगा – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

वाड़ीयमबड़ी मरुधर केसरी जैन गर्ल्स कॉलेज 4 अप्रैल। पेंटर चाहे जैसा चित्र, मूर्तिकार चाहे जैसी मूर्ति बना सकता है ,वैसे ही नारी ज्ञान और विवेक के सहारे अपना निर्माण कर सकती है आने वाली संतानों का जीवन भी उज्ज्वल बना सकती हैl उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि विश्व का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय मां की गोद है वह जितनी संस्कार वान और चरित्रवान होगी संतान उतनी महान होगी सभी महापुरुषों के निर्माण में योगदान ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण रहा है l उन्होंने कहा कि जो महिला अपने आप को अबला मानती है वह नादान है, और जो अबला के नाम से पुकारता है वह अज्ञानी, महिला दुर्गा सरस्वती लक्ष्मी का दूसरा रूप है l
राष्ट्र संत ने कहा कि अपने बलबूते पर हर क्षेत्र में महिलाओं ने पुरुष से दो कदम आगे बढ़कर नए कीर्तिमान स्थापित की हैl जिसमें अदम्य सहस उसे दुनिया की कोई ताकत पराजित नहीं कर सकती l जैन संत ने बताया कि आहार में सात्विकता विचारों में निर्मलता जीवन में शालीनता का समावेश हो जाए अच्छे संस्कारों का बीजारोपण हो जाए तो वह चलता फिरता तीर्थ बन जाएगा l
मुनि कमलेश ने बताया कि वर्तमान ज्वलन समस्या व्यसन, फैशन, भ्रूण हत्या, दहेज, बाल विवाह, मृत्यु भोज ,अंधविश्वास, रूढ़िवाद ,बलात्कार, रेप , जैसे के खिलाफ खड़ा होकर मुकाबला करना होगा कानून तो बाद में आएगा l अंत में कहा कि भौतिकवाद की आंधी से अपने आप को बचाना होगा अपनी संस्कृति का स्वाभिमान और गौरव निर्मित करना होगा यह धर्म के असली प्राण हैं l
कॉलेज परिवार की ओर से मंत्री लक्ष्मी लाल जी सिंघवी नाम राष्ट्र संघ का अभिनंदन किया और बताया कि करीब मरुधर केसरी मिश्रीमल जी महाराज के नाम से प्रवर्तक रूप मुनि जी ने इसका शुभारंभ करवाया था आज 3500 लड़कियां विद्याध्यन कर रही है हॉस्टल में पूरी व्यवस्था है तमिलनाडु में नहीं पूरे देश में अलग पहचान बनाए हुए हैं। 5 अप्रैल को तिरवातूर सुबह 9:00 बजे जैन भवन में श्वेतांबर और मूर्ति पूजक दोनों संतों के संयुक्त प्रवचन होंगेl