जीव दया को आत्मसात करना ही मानव जीवन की सार्थकता है-संदीप रांका

जावरा (अभय सुराणा) । जीवदया सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा और दया भाव के साथ सर्वोच्च मानवीय मूल्य और अहिंसा का आधार माना जाता है। यह न केवल जैन धर्म का मूल सिद्धांत है बल्कि परोपकार का सर्वोच्च रूप भी है जो मनुष्य को आध्यात्मिक उन्नति आत्म-शुद्धि और सामाजिक सौहार्द की ओर ले जाता है। जीवदया के प्रमुख पहलू मूल सिद्धांत जीवदया का अर्थ है किसी भी जीव को न सताना और उनकी रक्षा करना जो जैन धर्म में अहिंसा परमो धर्म: की नींव है साथ ही सही परोपकार भूखे को अन्न प्यासे को पानी और बीमार असहाय पशु-पक्षियों की सेवा करने के साथ मन में यह दयालुता करुणा और सहानुभूति जैसे गुणों को विकसित करती है जो समाज को प्रेम और शांति से भर देते हैं।
आध्यात्मिक लाभ में मान्यता है कि जीवदया से व्यक्ति न केवल इस लोक में नहीं परलोक में भी अपना जीवन सफल बना सकता है। जीवदया को आत्मसात करना ही मानव जीवन की सार्थकता है जो हमें स्वार्थ से ऊपर उठाकर निःस्वार्थ सेवा की ओर प्रेरित करती है। उक्त विचार जैन सोश्यल ग्रुप इंटरनेशनल फेडरेशन नेचरोथेरेपि कमेटी चेयरमैन संदीप रांका ने व्यक्त किये।
उक्त जानकारी ग्रुप के अध्यक्ष संदीप श्रीमाल एवं सचिव संदीप जैन प्रचार सचिव मनीष मेहता ने बताया की सत्र 2026-2027 कि शुरुआत जीवदया के प्रकल्प के साथ सेवा सर्वोपरी के उदेश्य को लेकर जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार द्वारा स्थानीय जीवदया सोसाइटी खाचरौद रोड़ पर गायों का स्वामीवात्सल्य कराया गया जिसमें सर्वप्रथम पुण्य सम्राट जयंतसेन सुरीजी म सा की आज्ञानूवती साध्वी चारित्रकला श्रीजी म सा, आर्जवकला श्रीजी म सा आदि ठाणा 3 द्वारा गौमाता एवं उपस्थित मैत्री परिवार के दंपति साथियों को मांगलीक फरमाकर कार्यक्रम की शुभकामना देते हुए स्व के साथ पर का कल्याण का आर्शीवाद दिया ।
जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार द्वारा गायों को लापसी तरबुज, ककडी, गिलखी के साथ गो ग्रास खिलाकर जीवदया की इस दोरान ग्रुप के सचिव संदीप संगीता जैन एडवोकेट, कोषाध्यक्ष शरद प्रियंका डुंगरवाल, पुर्व कोषाध्यक्ष संदीप जया दसेडा की विवाह वर्षगांठ मनाई गई साथ ही नवीन सदस्य राहुल जैन, रोहित ओरा, सौरभ मेहता का स्वागत कर सदस्यता प्रदान की गई इस दौरान ग्रुप के अध्यक्ष संदीप श्रीमाल, संस्थापक सदस्य अनिल धारीवाल, पूर्वाध्यक्ष द्वय गुरु संदीप रांका, पंकज कांठेड, आशीष पोखरना, राजीव लुक्कड, आलोक बरैया, राजेश पोखरना के साथ दिपक मेहता, अजय पटवा, मनीष मेहता, शशांक मेहता अर्पल कोचट्टा, तरुण टुकडिया, वैभव ओस्तवाल, यश मेहता, अरुण धारीवाल, राहुल छाजेड, पवन ओस्तवाल, राजेश हिंगड, मनीष पोखरना, गौरव धोका, गौरव सेठिया, संजय भंडारी, आशीष चत्तर, प्रतिक डुंगरवाल, पुखराज सुराणा, हितेश मेहता, पंकज मेहता, अभय छजलानी, अजय कांठेड, रानु पंड्या आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play sound