विश्व पुस्तक दिवस पर ज्ञान का उत्सव, पठन-पाठन के महत्व का दिया संदेश

किताबें ही हैं समाज को दिशा देने वाली सच्ची मार्गदर्शक

जावरा (नि. प्र.) । विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर ज्ञान, शिक्षा और साहित्य के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश की आवश्यकता हे । विभिन्न सामाजिक एवं सामाजिक संगठनों को पुस्तकों के महत्व को लेकर जनजागरूकता का आह्वान करना चाहिए ।
पुस्तकें मनुष्य की सच्ची मित्र होती हैं, जो न केवल ज्ञान प्रदान करती हैं बल्कि जीवन को सही दिशा देने का कार्य भी करती हैं। आज के डिजिटल युग में जहां लोग मोबाइल और इंटरनेट में व्यस्त हो रहे हैं, वहां पुस्तकों से जुड़ाव कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है।
साहित्य प्रेमियों के द्वारा अधिक से अधिक पुस्तकों का अध्ययन करने, बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और पुस्तकालयों के उपयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लेना चाहिए । पुस्तकें समाज को संस्कारित और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जलमित्र समाचार के संपादक अभय कोठारी ने विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पढ़ने की आदत को अपनाना चाहिए, क्योंकि पुस्तकें ही ज्ञान और सफलता का आधार होती हैं। नियमित पठन-पाठन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में ज्ञान के प्रसार के लिए कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए ।

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