खेडब्रह्मा (जैन स्थानक भवन)। इम्यूनिटी पावर का निर्माण धन सत्ता अथवा विज्ञान के द्वारा नहीं किया जा सकता है और उसके मजबूत हुए बिना कोविड-19 को हराया नहीं जा सकता । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने इम्यूनिटी पावर और कोरोनावायरस सेमिनार को जैन स्थानक भवन में संबोधित करते कहा कि आध्यात्मिक महापुरुषों के संपर्क उनकी वाणी और विचार ध्यान मोन योग से ही इम्यूनिटी पावर का मजबूत होना संभव है।उन्होंने कहा कि भौतिकवाद की चकाचौंध और विलासिता में डूब कर इंद्रियों के गुलाम हो गए इम्यूनिटी पावर को कमजोर कर दिया प्रतिरोधक क्षमता समाप्त होने से कोविड-19 उन पर हमला कर रहा है । राष्ट्रसंत में स्पष्ट कहा कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले प्रकृति की गोद में जीने वाले अदम साहस से युक्त होते हैं उन पर कोरना का कोई असर नहीं है । मुनि कमलेश ने बताया कि कोरोनावायरस के ज्यादा शिकार बड़े-बड़े शहरों के लोग हो रहे हैं शहरों से कोरना गांव में जा रहा है गांव से शहरों की ओर नहींजैन संत ने बताया कि कोरोनावायरस से बचना है तो प्रकृति की गोद में जाना होगा गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना होगा जान है तो जहान है कोरना के प्रति लापरवाही अपनाने वाले सच्चे मौत के सौदागर बन रहे हैं गौतम मुनि कौशल मुनि ने विचार व्यक्त किए उप पवर्तक विनय मुनि जी ने मंगलाचरण किया ।