भय अपने आप में हिंसा है उसके कारण मानसिक और शारीरिक असाध्य रोगों का शिकार हो जाता है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

वडाली (गुजरात जैन उपाश्रय 7 अप्रैल 2021) । निर्भय होना अहिंसा का पालन करने के समान है भय अपने आप में हिंसा है उसके कारण मानसिक और शारीरिक असाध्य रोगों का शिकार हो जाता है उक्त विचाक्र राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने बडोली जैन उपाश्रय में संबोधित करते कहा कि भयमुक्त मानव धर्म में प्रवेश का अधिकारी है ।
उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के जितने लोग रोग और मौत के शिकार नहीं होंगे उससे गुना ज्यादा उसके खौफ और भय थे ग्रसित हो जाएंगे।
मुनि कमलेश ने बताया कि कोविड-19 के भाई से मुक्त होकर सावधानीपूर्वक मुकाबला करके इस को हराना है।
जैन संत ने बताया कि लोक डाउन समस्या का कोई समाधान नहीं है कोरोनावायरस जितने लोग नहीं मरेंगे उतने भूख भय बेरोजगारी और अकाल मौत के शिकार हो जाएंगे ।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि स्वयं का स्वयं पर नियंत्रण इसका स्थाई समाधान है कोताही करना लोगों को मौत बांट बांधकर मानव हत्यारे बन जाएंगे श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ बडोली ने भव्य स्वागत किया मास्क सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया गया पत्रकार सम्मेलन का आयोजन हुआ नगर पालिका के अध्यक्ष हंशा बहन ने राष्ट्रसंत के के आगमन पर कामधेनु सर्किल बनाने का संकल्प लिया महावीर सूर्या ने मंच का संचालन किया बालिका मंडल महिला मंडल ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए शहर के धार्मिक सामाजिक राजनीतिक सभी प्रमुखो ने सत्संग में लाभ लिया ।

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