जिन मंदिरो बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए मंदिरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना चाहिए

इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। इंदौर सकल जैन समाज के सभी मंदिरों के पदाधिकारियों, ट्रस्टियों एवं समाजजन से हमारे धर्म आयतनों संस्कृति एवं धरोहर की सुरक्षा के लिए विनम्र निवेदन है कि वर्तमान समय में देखने में आ रहा है कि जिन मंदिरो बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए मंदिरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं । राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू, मयंक जैन ने कहा कि मंदिरों में चांदी, अष्टधातु की प्रतिमाएं, पांडूकशिला, कलश, छत्र ,अष्ट प्रातीहारी एवं अन्य मूल्यवान रत्न एवं धातुओं से बनी अनेक जिन प्रतिमाएं एवं धार्मिक वस्तुएं स्थापित रहती हैं। वर्तमान समय में धातुओं के बढ़ती कीमतों के कारण असामाजिक तत्व इन वस्तुओं को सोना , चांदी समझ कर चोरी करने का प्रयास करते हैं।वर्तमान समय में कई बार लालच के कारण ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जिससे समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन भारत वर्षीय जैन समाज से पुर जोर अपील करते हुए कहा कि अपने अपने क्षेत्रों के धर्म आयतनों की सुरक्षा के लिए निम्न सुरक्षा उपाय तत्काल किए जाएं: जेसे CCTV कैमरे पुरे परिसर में अनिवार्य रूप से लगवाएं जाए।मंदिर के मुख्य द्वार, गर्भगृह, परिसर एवं प्रवेश-निकास के सभी स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले Cctv कैमरे लगवाकर 24 घंटे रिकॉर्डिंग का पुख्ता इंतजाम किया जाएं। मंदिर परिसर में 24 घंटे के लिए सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति करेंमंदिर परिसर में विशेष रूप से रात्रि के समय निगरानी और भी मजबूत हो। धर्म आयतनों की मूल्यवान वस्तुओं का आवक जावक रजिस्टर तैयार करेंमंदिर में रखी सभी जिनप्रतिमाएं, चांदी के बर्तन, कलश, छत्र भामडल आदि की पूरी सूची बनाकर एक रजिस्टर में दर्ज कर रिकार्ड रखा जाएं वस्तु का नाम वजन संख्याविशेष पहचानयह जानकारी नियमित रूप से ट्रस्ट कमेटी द्वारा अपडेट होती रहनी चाहिए। सुरक्षा के लिए बीमा (Insurance) करवाएंजिससे, मंदिर की मूल्यवान वस्तुओं का बीमा करवाना भी एक सुरक्षित व समाज हित में अनुकरणीय कदम हो सकता है। आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए सेंसर वाले अलार्म सिस्टम लगवाएं जिससे किसी भी संदिग्ध घटना ,गतिविधि पर तुरंत संकेत मिल सके। रात के समय मंदिर में अनावश्यक व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह बंद रखा जाए और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अनुमति दी जाए।स्थानीय एवं नजदीक पुलिस से संपर्क रखा जाए ।नजदीकी पुलिस स्टेशन को मंदिर कमेटी द्वारा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जाएं। और रात्रि के समय-पुलिस गस्त द्वारा रोज पेट्रोलिंग की मांग की जाएं।सर्व समाज की जिम्मेदारी तय करेंसमाज के जागरूक व्यक्तियों की एक सुरक्षा समिति बनाई जाए जो समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करें। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि जिन आयतन केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और विश्वास की अटुट धरोहर है। इनकी सुरक्षा करना हम सभी समाज जन का सामूहिक कर्तव्य है। जैन राजनीतिक चेतना मंच के सुभाष काला ने कहा कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए भारत वर्षीय जैन समाज तुरंत आवश्यक कदम उठाएं।