सेवा संकल्प समर्पण समता की भावना जावरा के प्रत्येक श्रावक श्राविका में विद्यमान हैं – प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म.सा.

संघ को मजबूत रखने के लिए आप सभी गुरुभक्तों को स्वाध्याय एवं आगम का ज्ञान आवश्यक है – उपाध्याय डॉ.गौतम मुनि जी म.सा.

जावरा (निप्र) । वर्तमान समय में जावरा कि गुरुभक्ती इस पावन भूमि पर वंदनीय सराहनीय है सेवा संकल्प समर्पण समता की भावना जावरा के प्रत्येक श्रावक श्राविका में विद्यमान हैं गुरु के प्रति आस्था यहाँ का आलोकिक उदाहरण है जावरा में गुरु कस्तुर पावन धाम के लोकार्पण का शुभ अवसर आया है जिसमे हम सभी को गुरु के प्रति सच्ची निष्ठा का परिचय देना है । उक्त विचार बी एल एम पैलेस पर प्रवचन के दोरान प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म सा ने कहें। उपाध्याय डॉ गौतम मुनि जी म सा ने फरमाया की दया, धर्म एवं दान धर्म का मूल अस्तित्व है और इस अस्तित्व को कायम रखना प्रत्येक गुरुभक्तों का कर्तव्य है हमें गुरु के सम्मान में उनकी याद मे इस अमूल्य धरोहर की सुरक्षा में ज्यादा से ज्यादा धर्म अराधना मे सलग्न रहना है संघ को मजबूत रखने के लिए आप सभी गुरुभक्तों को स्वाध्याय एवं आगम का ज्ञान आवश्यक है आप गुरुदेव जैन दिवाकर के निरग्रंथ प्रवचन का अध्ययन करने से आगम का ज्ञान प्राप्त होगा श्रद्धा का प्रतीक गुरु कस्तुर पावन धाम जावरा पर स्वाभिमान होना चाहिए जिस गुरु का जन्म हुआ जिस गुरु के आर्शीवाद से हमने बहुत कुछ पाया हैं तो हमे दया के देवता के लिए तन से मन से समर्पण करना चाहिए।
उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी म सा ने फरमाया की संसार में जो आया है उसे जाना पड़ेगा क्योकि जीवात्मा संसार में खाली हाथ आती हैं किन्तु पाप, पुण्य, और कर्मों का लेखा जोखा लेकर आती हैं गुरुदेव कस्तुरचंद जी म सा के ह्रदय में प्रेम वात्सल्य करुणा दया का झरना सदैव प्रत्येक जीवात्मा के लिए बहता रहता था वें समाज की एकता को बनायें रखने हेतु सजग प्रहरी के रुप में कार्य करते ल थे गुरु कस्तुर अनुशासन प्रिय थे उनकी निश्रा में चार्तुमास सेवा का अनमोल अवसर मिला था।
जावरा की गोरव अनुष्ठान अराधीका डॉ कुमुदलता जी म सा ने फरमाया की मंत्र की ऊर्जा से व्यक्ति के मन के विकार बीमारी अनिश्चिता आदी दुर हो जाते हैं गुरु भगवंत हमे धर्म विधाओ मै रत रखते है सब ग्रहों से बड़ा आर्शीवाद गुरु का होता है जिसके सिर पर गुरु का हाथ होता है उसके सब ग्रह बलवान होते हैं वह सभी आपदाओं समस्याओं से बचा रहता है जीवन जीने के लिए रोटी चाहिए व रहने के लिए ठोर चाहिए।
डॉ महाप्रज्ञा जी म सा ने स्तवन के माध्यम से अपनी बात रखतें हुए सबकों गुरु की महीमा से मंत्रमुग्ध किया उक्त जानकारी देते हुए संदीप रांका सुभाष टुकडीया, अभय सुराणा, आनंद रांका ने बताया कि नवकारसी के क्रमशः लाभार्थी परिवार दिलिप कुमार रवि कुमार चत्तर, भंवरलाल संदीप कुमार मेहता,ल शांतीलाल शरद कुमार ऊषभ दुग्गड परिवार का बहुमान कस्तुर पावन धाम ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता, संदीप रांका, सुभाष टुकडीया, सुजानमल कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, विनोद लुणीया, पारसमल गादिया, बसंतीलाल चपडोद, पुखराजमल कोच्चटा, बसंत बोथरा, संजय भंडारी, राकेश पी कोच्चटा, आदि ने किया प्रवचन के पूर्व दिवाकर भक्त मंडल द्वारा गायों का स्वामीवात्सलय जीवदया सोसाइटी पर रखा गया था जिसमें प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी उपाध्याय डॉ गौतम मुनि जी श्री चंद्रेश मुनि श्री वैभव मुनि जी महासती डाॅ कुमुदलता जी, डॉ महाप्रज्ञा जी, डाॅ पदमकिर्ती जी, राजकिर्ती जी ने मुक प्राणियों को मांगलीक प्रदान करते हुए जीवों प्रति करुणा के भाव रखने का संदेश दिया।
17 मई रविवार को नवकारसी प्रातः 7:45 से 8:30 बजें तक बी एल एम पैलेस पर उसके पश्चात गुरुभगंवतों का मंगल प्रवेश चल समारोह प्रातः 8:30 बजें से बी एल एम पैलेस से कार्यक्रम स्थल श्री कस्तुर पावन धाम तक रहेगा जिसमें सभी श्रावक श्राविका एवं बाहर से पधारे हुए महानुभाव गुरुभक्त जय कारे के साथ चलेंगे साथ ही कस्तुर पावन धाम पहुंचकर नव निर्मित स्मारक (छत्री) एवं नवीन भवन का लोकार्पण के साथ भूमि पूजन प्रातः 9:15 से प्रारंभ होकर धर्मसभा मै परिवर्तित होगा उसके पश्चात श्री संघ एवं बाहर से पधारे हुए महानुभाव एवं आमंत्रित जनों का स्वामीवात्सलय दोपहर 12:15 बजें रखा गया है।
आज की प्रभावना का लाभ राजमल रतनलाल चोपड़ा चोपड़ा टेंट हाउस परिवार द्वारा लिया गया है। धर्मसभा मै श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के पुर्वाध्याक्ष द्वय बसंतीलाल चपडोद, पारसमल बरडिया, पुखराजमल कोच्चटा, सुशील चपडोद, कस्तुर पावन धाम ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता, महामंत्री सुजानमल कोच्चटा, नगर पालिका परिषद के पुर्व अध्यक्ष युसुफ कडपा नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशील कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, शांतिलाल दुग्गड, समरथमल ओस्तवाल, अशोक रांका, मनोहरलाल चपडोद, पारसमल गादिया, अजीत रांका, वर्धमान मांडोत, सुजानमल औरा, शांतिलाल डांगी, मोहनलाल पोखरना, समीरमल चत्तर, कमल चपडोद, दिलीप चत्तर, सुभाष चोरडिया, फतेहलाल जैन, राकेश कोच्चटा,संजय भंडारी, आकाश जैन, विनोद लुणीया, बाबुलाल भटेवरा, सुरेन्द्र मेहता,अशोक भंडारी, सुरेंद्र कोचट्टा, अनिल चत्तर, पुखराज भंडारी, दिलीप भंडारी, भंवरलाल मेहता, संजय टुकडियां, ऋषभ मेहता, धनसुख चोरडिया, यश मेहता, आयुष चोरडिया, पवन डांगी, राहुल रांका, पारसमल ओरा नितिन कोलन, मनीष पोखरना, सुभाष चपडोद, राजमल भंडारी, अशोक चत्तर, फतेहलाल मेहता, ज्ञानचंद भंडारी, नगीन ओस्तवाल, सुधीर कोच्चटा, राकेश ओस्तवाल, आदि उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन पुर्व महामंत्री सुजानमल कोच्चटा ने किया।

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