
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के संघ को कार द्वारा कुचले जाने की दुखद घटना ने अब एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विश्व जैन संगठन (VJS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन दिल्ली ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘हादसा’ नहीं बल्कि ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है। संगठन ने मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) से आरोपी चालक का नार्को टेस्ट कराने और एफआईआर में हत्या की धाराएं जोड़ने की मांग की है।
पूरी सड़क खाली थी, फिर भी पीछे से रौंदा
यह घटना 20 मई 2026 की सुबह करीब 5:40 बजे रीवा में घटित हुई, जब पूज्य आर्यिका संघ सड़क के किनारे शांतिपूर्ण ढंग से पदविहार कर रहा था। तभी एक सफेद रंग की ऑल्टो कार (क्रमांक MH 49 CD 8309) के चालक ने पूरी सड़क खाली होने के बावजूद बिना कोई हॉर्न दिए, जानबूझकर गाड़ी को बाईं तरफ मोड़कर आर्यिका संघ को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में दो प्रतिष्ठित जैन साध्वियों—पूज्य आर्यिका मां श्री श्रुतमती माता जी और पूज्य आर्यिका श्री 105 उपसति माता जी का समाधिमरण हो गया, जबकि कई अन्य श्रावक गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस की लचर धाराओं पर उठे सवाल
विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन ने जारी वीडियो संदेश में रीवा पुलिस की एफआईआर (नंबर 10/26) पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BANS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जो अपराधियों को बचाने जैसा है।
संजय जैन ने सवाल उठाया :
“जब कार चालक ने जानबूझकर पूरी ताकत से गाड़ी को संघ के ऊपर चढ़ाया, तो यह गैर-इरादतन कैसे हुआ? यह सीधे तौर पर धारा 103 (इरादतन हत्या) और गहरी साजिश का मामला है। पुलिस ने इसमें हत्या के प्रयास (धारा 109), दुर्घटना के बाद घायलों को तड़पता छोड़ भागने (धारा 238) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134/187 को क्यों शामिल नहीं किया?”
संगठन ने मांग की है कि एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी तुरंत इन गंभीर धाराओं को मुकदमे में जोड़े और साजिश के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब करने के लिए चालक का नार्को टेस्ट कराए। संगठन के इंदौर के अध्यक्ष मंयक जैन ने कहा कि इंदौर कलेक्टर के रवैए से जैन समाज में भारी आक्रोश
घटना के विरोध में कल पूरे देश सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में जैन समाज द्वारा शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाले गए। इस दौरान इंदौर में प्रशासनिक संवेदनहीनता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। संजय जैन ने बताया कि भीषण और तपती गर्मी के बीच हजारों की संख्या में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे न्याय की मांग को लेकर इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे।
आरोप है कि समाज के लोग लगभग 5 घंटे तक वहां खड़े रहे, लेकिन इंदौर कलेक्टर ने बाहर आकर उनसे मिलना या उनका ज्ञापन लेना तक उचित नहीं समझा। विश्व जैन संगठन ने इस रवैए की कड़ी निंदा करते हुए आईएएस एसोसिएशन और मध्य प्रदेश सरकार से इंदौर कलेक्टर के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
संतों की सुरक्षा के लिए बने ‘राष्ट्रीय नीति’
विश्व जैन संगठन ने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की है कि देश भर में पैदल विहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक ठोस ‘विहार सुरक्षा नीति’ बनाई जाए। इसके साथ ही, समाज में फैल रहे भय और आक्रोश को शांत करने के लिए एसआईटी प्रमुख से इस पूरे मामले पर एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी करने की अपील की गई है। संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने इस घटना की सीबीआई जांच भी कराई जाएं और इंदौर कलेक्टर इंदौर जैन समाज से अपनी ग़लती की माफ़ी मांगे।