
जावरा (निप्र)। प्राणी मात्र के प्रति दया करुणा का सागर लूटाने वाले घोर तपस्वी तेलातप के प्रणेता सेवाभावी जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज के वरिष्ठ शिष्य एवं जैन दिवाकर स्मारक एवं चिकित्साल्य के प्रेरणा पुंज शिल्पकार तपस्वी श्री मोहन मुनि जी निर्भय की 19 वी पुण्यतिथि पर आज जैन दिवाकर मित्र मण्डल ने जीवदया सोसायटी गौशाला में गौमाता को हरिघास का स्वामी– वात्सल्य करा कर मनाई। उक्त जानकारी देते हुए गुरुभक्त समाजसेवी सुभाष टुकडीया व जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय मंत्री संदीप रांका ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि गौशाला पर
*बड़ी संख्या में उपस्थित गुरु भक्तों ने तपस्वी श्री मोहनमुनि जी म सा द्वारा संध समाज के लिए किये गये कार्यो का गुणगान करते हुए बताया कि वे अपने गुरु जगतवल्लभ जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज जिन्होंने श्रमण संघीय एकता के लिए आचार्य पद का त्याग कर दिया ठीक उसी प्रकार तपस्वी मोहन मुनि जी म ने श्रमण संघ पर आये संकट के निवारण के लिए आचार्य डॉ शिवमुनि जी म सा से मिलने के लिए रतलाम से दिल्ली के लिए उग्र विहार किया किन्तु दिल्ली के पास दुदु के यहा उग्र विहार के समय एक दुर्धटना में उनका देव लोक गमन हो गया किन्तु उनके इस बलिदान से श्रमण संघ एक बार पुनः जयवन्त हो गया एसे कर्मयोगी तपस्वी मोहन मुनि जी म सा ने अपने भक्तों से लगातार सामुहिक तेले तप की आराधना कराकर उनके कर्मो कि निर्जरा की वही असहाय लोगों की मदद करना भी उनका परम लक्ष्य रहता था अ भा जैन दिवाकर संगठन समिति को मजबूती प्रदान करने में तपस्वी मोहनमुनि जी म सा का अविस्मरणीय योगदान रहा।
आज उनके 19 वे पुण्य स्मरण पर जैन दिवाकर गुरुभक्त मित्र मण्डल के बडी संख्या में उपस्थित गुरुभक्तों में श्री वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ के पुर्व अध्यक्ष द्वय पुखराजमल कोचट्टा, पारसमल बरडीया, सुशील चपडोद, बसन्ती लाल चपडोद, जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय महामंत्री राकेश मेहता, पुज्य मन्नालाल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री पाल कोचट्टा, आल इंडिया जैन कांन्फ्रेंस दिल्ली व जैन दिवाकर संगठन समिति के वरिष्ठ मार्गदर्शक सुजानमल कोचट्टा, श्री कस्तुरमुनि पावनधाम ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पारसमल गादिया, उपाध्यक्ष अजीत रांका,निर्माण चेयरमेन विनोद लुणिया राकेश पी कोचट्टा, गुरु भक्त सुजानमल औरा जै सौश्यल ग्रुप मेन के अध्यक्ष अशोक चोपड़ा, सीनियर सिटीजन के अध्यक्ष नवनीत सिंहल ग श्रीमाल, पत्रकार पारसमल छाजेड, महावीर डांगी , जवाहरलाल श्री श्रीमाल, विमल सिसोदिया, अशोक ओरा, विनोद चपडोद, सुधीर कोचट्टा व प्रथम कोचट्टा आदि गुरुभक्तों ने अपनी उपस्थिति देकर तपस्वीराज गुरुदेव श्री मोहन मुनि जी म सा काले डंडे वाले के प्रति अपनी विनम्र आदरांजलि भावांजलि अर्पित की।
गौमाता को गोग्रास व गुरुभक्तों की नवकारसी के लाभार्थी गुरुभक्त सुश्रावक सुजानमल सुधीर कुमार सचिन कुमार कोचट्टा परिवार ने लिया।
श्री टुकड़िया व श्री रांका ने सभी का आभार मानते हुए कहा कि गुरुदेव की प्रेरणा को हमे अपने जीवन में आत्मसात कर अपने कर्मों की निर्जरा करना चाहिए तभी उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।