
रतलाम । हर्ष और गर्व का विषय है कि हमारे राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, हमारी संस्कृति, मातृभूमि के प्रति समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति है।
इसी ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने हेतु सुभद्रा ए सखी सहेली मंच द्वारा ऑफलाइन एवं ऑनलाइन विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुरे देश की अभूतपूर्व सहभागिता रही। अखिल भारतीय खंडेलवाल सुमधुरा सखी सहेली मंच के तत्त्वावधान में आयोजित “वंदे मातरम् ट्रिब्यूट” का संयोजन, दृश्य परिकल्पना एवं निर्देशन मधु खंडेलवाल (दिल्ली) द्वारा किया गया था
स्क्रिप्ट लेखन सुधा रावत (ग्रेटर नोएडा) ने किया, जबकि एडिटिंग का कार्य मधु काठ (दिल्ली) एवं अर्चना झालानी (रतलाम) द्वारा किया गया। सलाहकार के रूप में रश्मि ठाकुरिया (मुंबई) एवं राज खंडेलवाल (मथुरा) का विशेष सहयोग रहा।
“वंदे मातरम्” पर आधारित यह प्रस्तुति देशप्रेम एवं राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी अभिव्यक्ति है, जिससे हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि सांस्कृतिक मंत्रालय, भारत सरकार ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए टीम को प्रशंसा-पत्र प्रदान किए। साथ ही अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष ने भी मंच के अभूतपूर्व कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा महासभा की ओर से 200 प्रतिभागियों को हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। रतलाम सुभद्रा सखी सहेली के अध्यक्ष सीमा खंडेलवाल द्वारा रतलाम से क़रीब 35 एंट्री भेजी गई थी बिरिया खेड़ी स्थित वृद्धाश्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण किए गए।