
जयपुर। राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात विभाग (कार्यालय जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जयपुर) ने वर्तमान में चल रही अत्यधिक गर्मी और हीटवेव (लू) को देखते हुए जैन श्रमणों (साधु-साध्वियों) की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध की ओर से जयपुर जिले के जैन समुदाय स्वयं सेवा संगठनों और संस्थाओं को पत्र जारी कर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
प्रशासन द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
प्रवास के समय में बदलाव: अत्यधिक गर्मी और हीटवेव के समय साधु-साध्वियों को प्रवास (विहार) करने से परहेज करना चाहिए। यथासंभव सुबह और शाम के समय ही प्रवास तय किया जाए।
बचाव के पुख्ता इंतजाम: विहार या प्रवास के दौरान गर्मी व लू से बचने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की जाएं।
प्राथमिक उपचार सामग्री: प्रवास के दौरान गर्मी से राहत देने वाली और प्राथमिक उपचार (First Aid) से संबंधित आवश्यक सामग्री अनिवार्य रूप से साथ रखी जाए।
प्रशासन को पूर्व सूचना: नियमानुसार, साधु-साध्वियों के प्रवास की पूर्व सूचना स्थानीय प्रशासन को देना सुनिश्चित करें।
आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क: प्रवास के दौरान यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी विपरीत परिस्थिति बनती है, तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें और इसकी सूचना प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को दें।
मालवा संघ ने जताया आभार
विभाग ने सभी जैन सामाजिक संगठनों से अनुरोध किया है कि वे इस भीषण गर्मी में जैन संतों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाएं। इस पत्र की प्रतिलिपि अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय), जयपुर को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
इधर, राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक विभाग द्वारा साधु-साध्वियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उठाए गए इस कदम का जैन समाज ने स्वागत किया है। मालवा संघ के अध्यक्ष ठाकुर बसंत सिंह विमल एवं महामंत्री राजेंद्र कोठारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में विहार करने वाले जैन श्रमणों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की यह चिंता और निर्देश अत्यंत अनुकरणीय व प्रशंसनीय हैं। संघ के पदाधिकारियों ने सभी संबंधित संगठनों से इन सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।