
जावरा (अभय सुराणा)। विश्व प्रसिद्ध हुसैन टेकरी परिसर से छह माह की मासूम बालिका के अपहरण की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन रतलाम और शिवपुरी पुलिस की सतर्कता, तत्परता और बेहतर समन्वय ने 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। वहीं उसे बस में बैठाकर दिल्ली ले जा रहे दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सागर जिले के राहतगढ़ निवासी शाहिल नट अपनी पत्नी और छह माह की पुत्री के साथ हुसैन टेकरी पर दर्शन के लिए आए थे। 4 और 5 जून की दरमियानी रात परिवार परिसर के समीप सड़क किनारे विश्राम कर रहा था। इसी दौरान तड़के करीब 4 बजे अज्ञात बदमाश सोते हुए माता-पिता के पास से मासूम बच्ची को उठाकर ले गए। जब माता-पिता की नींद खुली तो उनकी गोद का सहारा और आंखों का तारा गायब था। परिजनों ने बदहवासी में आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाने में मामला दर्ज किया गया। बालिका के अपहरण की गंभीरता को देखते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू करवाई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि अपहरणकर्ता बच्ची को लेकर शिवपुरी की ओर जा रहे हैं।
इसके बाद रतलाम एसपी ने शिवपुरी एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया। शिवपुरी पुलिस ने कोलारस, बदरवास और लुकवासा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी करते हुए हाईवे पर नाकाबंदी कर दी। पूरनखेड़ी टोल प्लाजा के पास वाहनों की सघन जांच के दौरान एक यात्री बस में पुलिस को संदिग्ध महिला की गोद में एक छोटी बच्ची दिखाई दी।
पूछताछ में आरोपी निजाम मंसूरी निवासी बंजारा मोहल्ला, झालावाड़ (राजस्थान) तथा रूपाबाई रेगर निवासी मंगलपुरा, झालावाड़ (राजस्थान) घबरा गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने स्वीकार किया कि वे बच्ची को हुसैन टेकरी क्षेत्र से उठाकर लाए हैं और दिल्ली की ओर जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मासूम को सुरक्षित मुक्त कराया।
बालिका के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही उसके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी प्रकाश गड़ारिया अपनी टीम और बालिका के माता-पिता के साथ कोलारस पहुंचे, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया तथा दोनों आरोपियों को जावरा पुलिस के हवाले कर दिया गया।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिर मासूम का अपहरण क्यों किया गया और उसे दिल्ली में किसे सौंपा जाना था। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में मानव तस्करी या किसी अन्य बड़े नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
इस सफल अभियान में शिवपुरी जिले के एएसआई रायचंद्र भिलाला, प्रधान आरक्षक विशाल सिंह, उदय सिंह तोमर, धर्मेंद्र सेंगर, आरक्षक रामसिंह, नरेंद्र शर्मा, अनिल बुनकर एवं आरक्षक मनीषा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक मासूम को सुरक्षित बचाया, बल्कि संभावित गंभीर अपराध को भी समय रहते विफल कर दिया।