“वसुंधरा रत्न सम्मान” से नवाजे गए पर्यावरण प्रेमी ,शिक्षक शांतिलाल झाला रतलाम में मिला पुरस्कार

बड़ावदा (शिरीष सकलेचा)। विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्य आनंद संस्थान (मध्यप्रदेश शासन आनंद विभाग का स्वशासी संस्थान ) द्वारा “वसुंधरा रत्न सम्मान” का आयोजन रतलाम के बड़बड़ हनुमान मंदिर पर किया गया। पर्यावरण संरक्षण,वृक्षा रोपण एवं धरती माँ के संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सांदीपनी शाउमावि बड़ावदा के शिक्षक शांतिलाल कुमावत (झाला) इको क्लब प्रभारी, फेम स्पीकर फाइनाइट अर्थ मूमेंट को सम्मानित किया । झाला को यह सम्मान उनकी सेवा,समर्पण और प्रकृति के प्रति प्रेम का प्रतीक है।
आप के द्वारा किए गए कार्य प्रेरणा दायक होकर समाज को प्रत्यक्ष,अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण से जोड़ते है । झाला को यह यह सम्मान राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता श्रीमती सीमा अग्निहोत्री ,गिरीश सारस्वत प्राचार्य सैलाना,पर्यावरण विद खुशाल सिंह पुरोहित ,रतलाम, जिला रेंजर विष्णु पाटीदार,आदि के द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर झाला ने अपने उद्बोधन में सभी को बताया कि पेड़ लगाना अच्छी बात हे लेकिन पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं हे। पृथ्वी सीमित है।संसाधन भी सीमित है तो उपभोग भी सीमित होना जरूरी है। झाला ने पर्यावरण संरक्षण पर बिंदुवार अपनी बात रखी। आपने आगे बताया कि स्थानीय मीडिया का हमें पर्यावरण की मुहिम में काफी सकारात्मक सहयोग मिला। जिससे आज यह सम्मान मिला है। आपकी इस उपलब्धि पर प्राचार्य गोविंद सिंह मालीवाड़ सहित स्टाफ, नगरवासियों आदि ने हर्ष जताते हुए बधाईया दी।

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