

रतलाम। रतलाम नगर में वर्षा के पानी की बचत के लिए डॉ वेद प्रताप वैदिक विचार मंच के सामाजिक जन जागरूकता प्रकोष्ठ के सदस्यों ने अनूठी पहल करते हुए पर्यावरण दिवस पर “हर घर जल संग्रहण”का संकल्प लिया। रतलाम की बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए जल संरक्षण आज समय की महती आवश्यकता बन गया है। सदस्यों ने भू जल स्तर बढ़ाने के प्रभावी सुझाव देते हुए अपने अपने मोहल्ले,कार्यस्थल और नए भवन मालिकों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने हेतु प्रेरित करने का वचन दिया। उपस्थित सभी सदस्यों ने जिनके यहां यह सिस्टम नहीं है,तत्काल लगाने के लिए आवेदन देते हुए अपने आसपास ,दो से चार घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने हेतु संकल्प लिया।
कुछ सदस्यों ने परिजनों की स्मृति में एक से दो सिस्टम अन्य जरूरतमंद घरों में लगवाने की लिखित घोषणा की।तालाब, बावड़ी कुंओं,औरपुराने जलस्रोतों के पुनर्जीवन के लिए हर संभव जनजागरूकता,पानी के लीकेज ठीक करवाने,अपशिष्ट जल का उपयोग, जल स्त्रोतों में कचरा व गंदगी न डालने सहित दस बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर “हर बूँद कीमती है ” का एक जागरूकता पर्चा जारी किया, जो मंच के सदस्य घर घर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित करेंगे।
मंच का यह सामाजिक जागरूकता प्रकोष्ठ सरकार को निष्ठा के साथ सुझाव और भागीदारी का कार्य निरंतर करता रहेगा।इस सार्थक चर्चा में संयोजक डॉ प्रदीपसिंह राव,श्री आशीष दशोत्तर,हिम्मत जैन गेलड़ा,दिनेश शर्मा , आई एल पुरोहित,रंजीत सिंह राठौर, डॉ रविंद्र उपाध्याय,नरेंद्र सिंह राठौर,डॉ बालकृष्ण चौहान,नरेंद्र सिंह पंवार,श्याम सुंदर भाटी, डॉ अनामिका सारस्वत,गिरीश सारस्वत, मनीष सोनी,श्रीमती ऊषा सिंह आदि ने सुझाव दिए।नगर निगम के माध्यम से वाटर हार्वेस्टिंग अधिक से अधिक घरों ,बड़े बड़े मल्टी भवनों और हर कार्यालयों तक अनिवार्य रूप से पहुंचे ,इस जागरूकता में मंच हर संभव सहयोग करेगा।