


इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । दिगंबर जैन परंपरा का सर्वाधिक प्राचीन एवं प्रामाणिक ग्रंथ षट खण्डागम जैन कर्म दर्शन का आधारभूत शास्त्र माना जाता है। आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतवली द्वारा इस महान ग्रंथ की रचना एवं संरक्षण की स्मृति में देश भर मे दिगंबर जैन समाज द्वारा प्रतिवर्ष ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को श्रुत पंचमी (श्रुत आराधना दिवस) पर्व के रूप में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाता है।
इस उपलक्ष में दिगंबर जैन महिला परिषद अंजना संभाग आदिनाथ शाखा छत्रपति नगर इंदौर द्वारा तीर्थ स्वरूप
दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रुत स्कंध विधान का आयोजन युवा विद्वान पंडित मनीष जैन के निर्देशन में किया गया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि विधान का शुभारंभ प्रातः काल नित्य नियम पूजन, अभिषेक एवं शांति धारा के साथ हुआ। शांति धारा करने का सौभाग्य श्री संगीत जैन एवं सचिन देवेंद्र जैन ने प्राप्त किया एवं विधान के पूर्व महिला परिषद की श्रीमती रजनी जैन, मनीषा जैन, मीना जैन एवं सुषमा जैन ने मंडल जी पर चार रजत मंगल कलश की स्थापना की एवं श्रीमती सुनीता नरेंद्र नायक ने मंडल जी पर ग्रंथराज षटखण्डागम को विराजमान करने का सौभाग्य अर्जित किया। विधान पूजन के दौरान श्रद्धा भक्ति एवं उल्हास के साथ मंडल जी पर श्रद्धालुओं ने 64 अर्घ समर्पित किए।
इस अवसर पर महिला परिषद इंदौर संभाग की अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, पिंकी रेनबो मनीषा टारगेट, समता सोधिया,सुरेखा रसिया सुनीता देवरी,रवि देवी जैन,अजय-आजाद मामा,डी एल जैन, वीरेंद्र जैन, रमेश जैन, डॉ जैनेंद्र जैन ,अरविंद अखिलेश सोधिया, आलोक नेता डॉ वीसी जैन आदि समाज श्रेष्ठी उपस्थित थे।