योग हमारी आंतरिक ऊर्जा का प्रेरणा केंद्र है- आशा दुबे

रतलाम । योग करना महज एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है और नहीं व्यायाम का कोई तरीका अपितु योग शरीर के आंतरिक रक्त संचरण का प्रबल माध्यम है जो हमारी ऊर्जा को केंद्रित करते हुए शरीर की रक्षा करता है यही ऊर्जा हमें स्फूर्तिवान स्वस्थ और क्रियाशील बनाए रखती है।
उक्त विचार कॉलेज रोड स्थित मठ मे संस्था परस्पर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में उपस्थित संस्था पदाधिकारी को संबोधित करते हुए योग शिक्षिका आशा दुबे ने व्यक्त किय। आपने कहा कि योग रोगों को शरीर से दूर भगाता है हमे स्वस्थ दुरुस्त बनाए रखना है । मन में शांति और शरीर की थकान को दूर करता है हमारी व्यस्ततम जीवन शैली में योग अत्यंत लाभदायक है कम समय में अधिक परिश्रम और संयमित जीवन की प्रभावी दिनचर्या का योग महत्वपूर्ण माध्यम है संस्था के परामर्शदाता दिनेश शर्मा ने कहा कि योग से मन प्रसन्न और तन स्वस्थ रहता है योग ही हमारी आंतरिक शक्ति का केंद्र बिंदु है जो हमारी दिनचर्या को ऊर्जावान बनाए रखना है । शरीर की मजबूती और मन में उत्साह हैतू योग नियमित रूप से हमारी दिनचर्या का हिस्सा बनना चाहिए संस्था के अध्यक्ष महेश अग्रवाल ने योग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को योग अवश्य करना चाहिए जिससे हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है योग के प्रति लोगों में अद्भुत जागृति आई है प्रतिवर्ष 21 जून के दिन लोगों में अपार उत्साह दिखाई देता है यह हमारे समाज के लिए बहुत ही स्वागत योग्य है ।
इस अवसर पर योग शिक्षिका आशा दुबे का संस्था के पदाधिकारी ने अभिनंदन कर स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में संरक्षक श्री अभय सुराणा मनीष बोहरा हार्दिक मेहता एमके जैन मिलन राखेचा शैलेंद्र व्यास राजेंद्र कसेरा सोनू व्यास अभीसार हाड़ा प्रीतम भरगट श्रेयांश जैन नितेश पोरवाल दशरथ पोरवाल पंकज चौहान, नितेश शुक्ला, कमलेश पालीवाल, चंदन राठौर, सुबोध महेश्वरी, अमित डांगी, आदि उपस्थित थे । संचालन मिलन राखेचा तथा आभार शैलेंद्र व्यास ने व्यक्त किया । उक्त जानकारी प्रवक्ता मितेश अग्रवाल ने दी ।

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