
इंदौर। एसवीकेएम के नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (NMIMS), इंदौर ने अपने इंडक्शन एंड फाउंडेशन प्रोग्राम के माध्यम से MBA Batch 2026–2028 का स्वागत किया। इसके साथ विद्यार्थियों की दो वर्षीय शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत हुई, जिसका केंद्र नवाचार, इंडस्ट्री इंटीग्रेशन, रिस्पॉन्सिबल लीडरशिप और टेक्नोलॉजी-सक्षम शिक्षण है।
आज जब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और कार्यस्थलों की बदलती अपेक्षाएँ वैश्विक उद्योगों को नई दिशा दे रही हैं, तब उच्च शिक्षण संस्थान भी विद्यार्थियों को फ्यूचर ऑफ वर्क के लिए तैयार करने हेतु अपने शिक्षण मॉडल को लगातार विकसित कर रहे हैं। NMIMS में यह दृष्टिकोण एक ऐसे शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से साकार होता है, जो कठोर अकादमिक अध्ययन को अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति, इंडस्ट्री सहयोग, इंटरडिसिप्लिनरी एक्सपोज़र और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एजुकेशन के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों की एम्प्लॉयबिलिटी, लीडरशिप स्किल्स और लाइफलॉन्ग लर्निंग को सशक्त बनाता है।
इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संरचना, कैंपस संस्कृति, स्टूडेंट सपोर्ट इकोसिस्टम, इंडस्ट्री एंगेजमेंट के अवसरों तथा उन संस्थागत मूल्यों से परिचित कराया गया, जो आगामी दो वर्षों की उनकी MBA यात्रा का मार्गदर्शन करेंगे। डॉ. अंशुमान जैसवाल, डायरेक्टर, NMIMS इंदौर ने कहा, “MBA केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि एक ऐसी यात्रा है जो आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाती है, चुनौतियों का सामना करना सिखाती है और निरंतर विकास के अवसर प्रदान करती है। आने वाले दो वर्षों में विद्यार्थियों को अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने, नए अनुभवों को अपनाने और कैंपस द्वारा उपलब्ध हर अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सीख केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि संवादों, मित्रताओं, प्रतियोगिताओं और आत्मचिंतन के क्षणों से भी विकसित होती है। जब विद्यार्थी पूरी निष्ठा के साथ इस प्रक्रिया पर विश्वास करते हैं और सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं, तभी यह अनुभव उनके व्यक्तित्व पर स्थायी प्रभाव छोड़ता है।
डॉ. निरंजन शास्त्री, प्रोग्राम चेयरपर्सन, SBM, NMIMS इंदौर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, MBA कोर्स जितना ज्ञान और कौशल अर्जित करने का माध्यम है, उतना ही स्वयं को बेहतर ढंग से समझने का भी अवसर है। इस इंडक्शन प्रोग्राम के माध्यम से हमारी कोशिश है कि विद्यार्थी बेहतर प्रश्न पूछना सीखें, नए विचारों के प्रति खुले रहें और यह समझें कि मैनेजमेंट की वास्तविक शिक्षा कक्षा की सीमाओं से कहीं आगे तक जाती है। इस दौरान बनने वाले अनुभव, संवाद और रिश्ते उनके साथ स्नातक होने के बाद भी लंबे समय तक बने रहेंगे। AI, GCCs & the फ्यूचर ऑफ वर्क: What Every MBA Needs to Know’ विषय पर कीनोट एड्रेस देते हुए बिग 4 कंसल्टिंग फर्म्स में से एक से जुड़े प्रतिष्ठित इंडस्ट्री प्रोफेशनल श्री सुमित शर्मा ने तेज़ी से बदलती तकनीकी दुनिया, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के बढ़ते महत्व, responsible AI तथा भविष्य के मैनेजर्स के लिए आवश्यक क्षमताओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, आज बदलाव की गति पहले से कहीं अधिक तेज़ है और आने वाला समय उन्हीं पेशेवरों का होगा जो लगातार सीखते रहें, परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालते रहें और निरंतर विकसित होते रहें। तकनीकी ज्ञान हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा, लेकिन जिज्ञासा, अनुकूलनशीलता और नई क्षमताएँ विकसित करने की इच्छा भी उतनी ही आवश्यक होगी। जो पेशेवर डोमेन एक्सपर्टीज़ को रिस्पॉन्सिबल लीडरशिप और बदलते समय के साथ स्वयं को विकसित करने की क्षमता के साथ जोड़ पाएँगे, वे लगातार बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। उद्घाटन कीनोट के अलावा, इंडक्शन प्रोग्राम में लीडरशिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, फाइनेंस, मार्केटिंग, बिजनेस स्ट्रैटेजी, सस्टेनेबिलिटी, कम्युनिकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, वेलनेस, स्टूडेंट सक्सेस और करियर रेडीनेस जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। फैकल्टी सदस्यों, इंडस्ट्री लीडर्स, एलुमनाई और अकादमिक मेंटर्स के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को बदलते बिजनेस लैंडस्केप तथा समकालीन मैनेजमेंट एजुकेशन की अपेक्षाओं की बेहतर समझ मिली।
इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान विद्यार्थियों को कंसल्टिंग, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, हेल्थकेयर, ह्यूमन रिसोर्सेज़ और बिजनेस लीडरशिप जैसे विविध क्षेत्रों का व्यापक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ इंडस्ट्री लीडर्स, उद्यमियों और शिक्षाविदों से संवाद का अवसर मिला। अपने व्यावसायिक अनुभवों के आधार पर उन्होंने ऐसे व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किए, जिन्होंने कक्षा में सीखी गई अवधारणाओं को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों से जोड़ने में विद्यार्थियों की मदद की।इंडक्शन में फाइनेंशियल अकाउंटिंग, मैथमेटिकल फाउंडेशन्स, एक्सेल एवं डिस्क्रिप्टिव एनालिसिस, केस-बेस्ड लर्निंग, कम्युनिकेशन, माइंडफुलनेस तथा स्टूडेंट वेल-बीइंग जैसे विषयों पर आधारभूत सत्र भी आयोजित किए गए। इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों की MBA यात्रा की शुरुआत अकादमिक तैयारी, व्यावसायिक विकास और व्यक्तिगत विकास के संतुलित आधार के साथ करना था। इन सत्रों के साथ आयोजित इंटरैक्टिव मैनेजमेंट गेम्स और खेल गतिविधियों ने विद्यार्थियों में टीमवर्क, सहयोग, नेतृत्व क्षमता और अनुभवात्मक शिक्षण को प्रोत्साहित किया। देशभर में अपने परिसरों के माध्यम से NMIMS इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान अकादमिक उत्कृष्टता को व्यावहारिक अनुभवों के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों को तेज़ी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में सफल होने के लिए तैयार कर रहा है।