ट्रेड यूनियन हमें हमारे स्वाभिमान व अधिकारों के लिए जागरूक करके संघर्ष के लिए प्रेरित करते हैं -प्रोफेसर चौहान

रतलाम। सपनों को यथार्थ में तब्दील करने के लिए ट्रेड यूनियन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ट्रेड यूनियन हमें हमारे स्वाभिमान और अधिकारों के लिए जागरूक करके संघर्ष के लिए प्रेरित करते हैं।सपने मानवता के हो सकते हैं ,और शोषण विहिन समाज के भी हो सकते हैं। हालांकि शोषणविहिन समाज के लिए औद्योगिकरण एक सकारात्मक पहलू है परंतु नव औपनिवेशवाद ने इन क्षमताओं को बहुत सीमित कर दिया और पूंजीवाद ने कामगारों के सामने बेरोजगारी की पूरी फौज खड़ी कर दी है।
यह विचार कामरेड सी बी राठौर की 11वीं पुण्यतिथि अवसर पर वरिष्ठ कवि,अनुवादक एवं चिंतक प्रोफेसर रतन चौहान ने प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन एवं प्रोग्रेसिव स्टडी सर्किल के तत्वाधान में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कर्मचारी नेता कामरेड आई एल पुरोहित ने मुख्य अतिथि की आसंदी से “ट्रेड यूनियन व वर्तमान चुनौतियां” विषय पर बोलते हुए कहा कि मजदूर व कर्मचारी संगठनों में चुनौतियां शुरू से ही रही है यह किसी एक देश की समस्या नहीं है बल्कि विश्व व्यापी समस्या है ।
मुख्य चुनौती असंगठित मजदूर कामगारों की भारी संख्या है। सबसे पहले इन्हें मुख्य धारा में लाना होगा, क्योंकि देश में वित्तीय असमानता बढ़ी है। पूंजीवादी व्यवस्था ने मजदूरों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी है । बैंक कर्मचारियों के वरिष्ठ कामरेड नरेंद्र जोशी ने श्रम आंदोलनों के कमजोर होने पर नेतृत्वकारी नेताओं की अक्षमता बताया। बैंक कर्मचारी कामरेड हरीश यादव ने कामरेड सी बी राठौर को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए यह कहा कि अब हम सबको मिलकर और संगठित होकर असंगठित कामगारों के बारे में विचार कर उन्हें संगठित करना यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कामरेड नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि सी बी राठौर सदा कर्मचारी हितों की ही बात करते थे तथा नतीजा परस्त आंदोलनों में विश्वास करते थे।
प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्ति कुमार शर्मा ने कहा कि कामरेड राठौर ने कोटवारों व वसूली पटेलों के संगठन बनाकर उनको अपने अधिकारों के लिए जागरूक करने का काम किया। कामरेड दुर्गेश सुरोलिया ने बड़े पुरजोर शब्दों में कहा कि कामरेड सी बी सदैव संगठन और आंदोलन के बारे में वैज्ञानिक विचारधारा से सोचते थे तथा उसी अनुसार संगठनों आंदोलन का संचालन करते थे यही कारण है कि उनके नेतृत्व में या उनकी उपस्थिति में वे जहां भी आंदोलन में सम्मिलित हुए या नेतृत्व किया उन सब में उपलब्धि हासिल हुई है और कर्मचारियों में उस संगठन व आंदोलन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
पुष्पांजलि कार्यक्रम अवसर पर श्रीमती गीता राठौर, आदित्य राठौर, श्रीमती सीमा सुरोलिया एस के मिश्रा, जितेंद्र सिंह भूरिया एम एम भट्ट ,कला डामर, कुरैशी जी कल्लू खान शाहिद अनेकों कर्मचारी नेता उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन साथी प्रेम बेनावत ने तथा संचालन एम एल नगावत ने किया।

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