अषाढ़ी मास गुप्त नवरात्रि की पुण्य बेला में वासुकीनाथ महाराज का दिव्य महाअभिषेक

शिवशक्ति की आराधना से आलोकित होगा रतलाम, जनकल्याण एवं विश्वशांति हेतु होगा दिव्य अनुष्ठान

रतलाम। जब श्रद्धा, भक्ति और साधना एक साथ प्रवाहित होती हैं, तब देवकृपा स्वयं भक्तों के जीवन में अवतरित होती है। भारतीय सनातन संस्कृति में अषाढ़ी मास की गुप्त नवरात्रि को तप, जप, ध्यान, आत्मशुद्धि और ईश्वर-साक्षात्कार का दिव्य पर्व माना गया है। यह वह पावन काल है, जब शिवशक्ति की उपासना से जीवन के अंधकार दूर होकर सुख, शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
इसी दिव्य अवसर पर रविवार, 19 जुलाई 2026 को अषाढ़ शुक्ल पंचमी के शुभ संयोग में शिवशक्ति वासुकी धाम, स्नेह नगर (80 फीट रोड), रतलाम में वासुकीनाथ महाराज का भव्य दिव्य महाअभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ एवं धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य सम्पन्न होगा। सम्पूर्ण आयोजन भगवान शिव एवं नागराज वासुकी की आराधना को समर्पित रहेगा, जिसमें विश्वशांति, राष्ट्र की समृद्धि, मानव कल्याण एवं समस्त प्राणिमात्र के मंगल की कामना की जाएगी।
दूध, दही, पंचगव्य, गंगाजल एवं पवित्र जल से सम्पन्न होने वाला यह महाअभिषेक श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के दिव्य रस में सराबोर कर देगा। रुद्राष्टाध्यायी, वैदिक मंत्रों एवं हर-हर महादेव के जयघोष से सम्पूर्ण धाम शिवमय वातावरण में परिवर्तित हो जाएगा। ऐसा प्रतीत होगा मानो स्वयं देवाधिदेव महादेव एवं नागराज वासुकी अपने भक्तों पर कृपा-वर्षा कर रहे हों।
धार्मिक मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में श्रद्धा और विश्वास से किया गया अभिषेक, जप एवं पूजन मनुष्य के समस्त कष्टों, ग्रहबाधाओं, मानसिक तनाव एवं नकारात्मक ऊर्जा का नाश कर जीवन में नई आशा, नई ऊर्जा और दिव्य चेतना का संचार करता है। विशेष रूप से श्रद्धालु अपने ऊपर से तीन बार नारियल उतारकर मंदिर की तीन परिक्रमा करेंगे तथा हवन कुंड में समर्पित करेंगे। यह अनुष्ठान जीवन की बाधाओं के शमन एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।
स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष एवं नागराज वासुकी की परम भक्त चेतना पाटीदार ने बताया कि वासुकीनाथ महाराज की असीम कृपा से धाम में प्रत्येक उजियारी पंचमी एवं प्रत्येक रविवार को विशेष पूजन-अर्चन नियमित रूप से सम्पन्न होता है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था इस बात का प्रमाण है कि यह धाम केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का जीवंत केंद्र बन चुका है।
यह दिव्य महाअभिषेक पंडित प्रवीण शर्मा के सानिध्य में सम्पन्न होगा। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं एवं श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस अलौकिक आध्यात्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनने का विनम्र आग्रह किया है।
आइए…
गुप्त नवरात्रि की इस पुण्य बेला में भगवान वासुकीनाथ महाराज के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें, शिवशक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपने जीवन, परिवार, समाज तथा राष्ट्र के सुख, शांति, समृद्धि और विश्वकल्याण की मंगलकामना में सहभागी बनें।

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