

रतलाम, 23 जुलाई बेटे भाग्य से मिलते है लेकिन बेटिया सौभाग्य से मिलती हे गौ सेवा में बहन बेटियों का अमूल्य योगदान रहता है और गौ आराधना करने में भी वह अग्रणी रहती है । इसलिए बेटियों के जन्म पर उत्सव बना कर पूरे कुल के साथ स्वागत करना चाहिए बेटे तो सिर्फ एक कुल का नाम रोशन करते हे जबकि बेटियां दो कुलों का नाम रोशन करती हे उक्त उगदार स्थानीय अमर वाटिका, संत रविदास चौक चल रही सात दिवसीय संगीतमय गौ कथा एवं दिव्य दरबार के चतुर्थ दिवस पर गौ क्रांतिकारी संत श्री गौ शरणानंद जी सरस्वती के व्यक्त किए
संत श्री ने कहा कि संत श्री ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या महापाप है बेटियों का जन्म होना सौभाग्य कि बात करोड़ों पुण्य मनुष्य करता है तब जाकर भगवती दुर्गा ही बेटी के स्वरूप में घर में जन्म लेकर आती हैं बेटीयो से ही संसार चलता है पूरे विश्व में केवल भारत देश ही ऐसा देश है जहां बेटियों कि पूजा होती है ।
हीमोग्लोबिन कि कमी के कारण कमजोरिया आ जाती हैं और संतान को जन्म देने में ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ता है । गो माता के दूध का अगर जन्म देने वाली मां को 9 महीने तक पिलाया जाएं तो हीमोग्लोबिन कि कमी नहीं होगी और ऑपरेशन जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।आयुर्वेद के अनुसार प्रसव वेदना से परेशान स्त्री को गोमय रस का पान कराने से तत् क्षण प्रसव हो जाता है। गौ कथा के दौरान प्रसिद्ध भजन सम्राट प अनुरुद्ध मुरारी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जिसमें उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर कर थिरकते रहे ओर कथा स्थल को उत्सव स्थल में परिवर्तित कर दिया।
इस अवसर पर रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल उपाध्यक्ष गोविंद काकाणी राखी व्यास राजेंद्र सिंह गोयल सराफा एसोसिएशन के झमक भरगट कोषाध्यक्ष संजय छाजेड़ रामबाबू शर्मा पूर्व पार्षद अशोक देवड़ा प्रेमलता देवड़ा वंदना पुरोहित गोपाल सोलंकी माली समाज के अध्यक्ष शिवलाल भाटी प अनिरुद्ध मुरारी आदि अतिथि के रूप में उपस्थित थे। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे महा दिव्य दरबार लगेगा जिसमें अर्जी लगाने वाले की पर्ची खोल कर समस्या निदान हेतु उपाय बताए जाएगे।
कथा विश्रांति उपरांत में गौमाता की आरती संपन्न हुई। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया।