
जावरा । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने श्रावण एवं भादवा मास में करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था एवं जनभावनाओं का सम्मान करते हुए रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली तथा पश्चिम रेलवे मुख्यालय, चर्चगेट (मुंबई) के महाप्रबंधक से रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों एवं ट्रेनों में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री के संबंध में स्पष्ट नीति एवं दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
अभय सुराणा ने अपने सुझाव पत्र में कहा कि श्रावण एवं भादवा मास हिंदू एवं जैन सहित अनेक भारतीय परंपराओं में अत्यंत पवित्र एवं श्रद्धा का महीना माना जाता है। इस अवधि में करोड़ों श्रद्धालु व्रत, उपवास, पूजा-अर्चना, आराधना, धार्मिक अनुष्ठानों एवं जीव-दया जैसे पुण्य कार्यों में संलग्न रहते हैं। ऐसे समय रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में खुलेआम मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री अनेक यात्रियों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अधिकांश ट्रेनों में शाकाहारी एवं मांसाहारी भोजन के लिए पृथक रसोई एवं अलग बर्तनों की समुचित व्यवस्था नहीं होती। इससे शाकाहारी यात्रियों के मन में भोजन की शुद्धता एवं पवित्रता को लेकर स्वाभाविक संदेह उत्पन्न होता है, जो उनकी धार्मिक मान्यताओं एवं विश्वास को प्रभावित करता है।
अभय सुराणा ने सुझाव दिया कि यदि पूर्ण प्रतिबंध व्यवहारिक दृष्टि से संभव न हो तो कम से कम श्रावण एवं भादवा मास के दौरान रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों एवं ट्रेनों में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए अलग व्यवस्था की जाए तथा यात्रियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। उन्होंने कहा कि इससे किसी वर्ग के अधिकारों का हनन नहीं होगा, बल्कि सभी की आस्था एवं सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित होगा।
अभय सुराणा के साथ ही दिनेश संचेती मोतीलाल बाफना अभय श्रीमाल निलेश बाफना मनोज सुराणा आशीष पोखरना विनोद डांगी राजकुमार हरण प्रकाश बारोड़ पुष्पेंद्र गंगवाल ऋषभ छाजेड़ मनीष चतर श्रीमती मधु संचेती सरोज कावड़िया रानी राणा आशा जैन पमीता भंसाली खुशबू दंड प्रविशा सुराणा सपना संघवी आशा जैन शिल्पा जैन कीर्ति जैन सहित अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के हजारों कार्यकर्ताओं ने इस मांग का समर्थन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय रेलवे करोड़ों यात्रियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर सकारात्मक एवं संवेदनशील निर्णय लेगी। साथ ही उन्होंने देशभर के सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से भी इस जनहित के विषय पर रचनात्मक सहयोग देने का आह्वान किया।
साथ ही आपने हिंदू समाज एवं जैन धर्म के अनुयाइयों से अनुरोध किया वह अधिक से अधिक संख्या में इस मुहिम का समर्थन करते हुए अपने-अपने एरिया से सांसद एवं रेल मंत्री एवं प्रधानमंत्री को टीवट कर, ज्ञापन देकर, या सोशल मीडिया के माध्यम से भी ध्यान आकर्षित करें।