गौ माता की कथा धर्म कर्म के साथ जीवन जीने की सीख देती है- संत श्री गौ शरणानंद सरस्वती

रतलाम 24 जुलाई । समुद्र मंथन से प्रगति पांच गौ माता नंदा सुनंदा सुरभि सुशीला और बहुला उत्पन्न हुई । इन पांच गौ माता की महिमा हमारे धर्म पुराण में उल्लेखित है जो हमे धर्म कर्म ओर जीवन को जीने की शिक्षा देती है । देवी भागवत महापुराण के अनुसार आदि शक्ति सुरभि गौ माता की सात स्वरूप बहुला समांग कुतुतोभया छैमा सख्या आदि गौमाता का वर्णन कथा में किया गया है । यह हमे जीवन में आत्मसात करना चाहिए ।
उक्त उगदार स्थानीय अमर वाटिका में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय गौ कथा एवं दिव्य दरबार के पंचम दिवस पर गौ क्रांतिकारी संत श्री गौ शरणानंद जी सरस्वती के व्यक्त किए । संत श्री ने बताया कि 27 जुलाई को गो सम्मान आवाहन अभियान के माध्यम से निकलने वाली को सम्मान यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर गौ माता की सेवा कर पुण्य लाभ कमाये इस आयोजन में पधारने वाले सभी को गौ भक्तों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की जाएगी ।
कथा के दौरान रामस्नेही गुरुभक्त महिला मंडल की शांति देवी सांखला चन्द्रकला राठौड़ प्रेमलता देवड़ा वंदना पुरोहित सीमा सांखला तुलसी पटेल धीरज पांड्या तारा सांखला आदि ने शाल श्रीफल ओर साफा पहनाकर संत श्री का अभिनंदन किया । भगवताचार्य राधिका पोरवाल अशोक पोरवाल गढ़ कैलाश सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश भारतीय दिनेश राठौड़ नयन व्यास सिमलावदा के गोपाल चौहान भरत पाटीदार आदि ने व्यास पीठ पर विराजित संत श्री का अभिनंदन किया ।
इस अवसर पर मुख्य अथिति पूर्व गृह मंत्री श्री हिम्मत कोठारी, सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष अनिल झालानी के साथ पार्षद आयुषी जलज सांखला, नीलेश गांधी, मंगल लोढ़ा, हेमंत रोहरी आदि अतिथि के रूप में उपस्थित थे
कथा विश्रांति उपरांत में गौमाता की आरती संपन्न हुई। आरती में राधेश्याम बोदलिया,निखिल भूतिया, नेहा भूतिया, हेमंत शर्मा, सोनिया शर्मा, गोपाल सोलंकी, राहुल हाडा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धर्मसभा का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया।

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