- “दया से बड़ा कोई दान नहीं और करुणा से बड़ा कोई धर्म नहीं” – अभय सुराणा
- “जीव दया को अपने जीवन का संस्कार बनाएं” – राजकुमार हरण


जावरा। श्री श्वेताम्बर जैन वरिष्ठ सेवा समिति द्वारा निरंतर संचालित गौ-सेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में सेवा, करुणा और जीव दया का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अभय सुराणा ने कहा कि हमारे धर्म में जीव दया को परम धर्म माना गया है। प्रत्येक जीव में आत्मा का वास है, इसलिए किसी भी प्राणी को कष्ट पहुंचाना पाप तथा उसकी रक्षा करना केवल पुण्य का कार्य ही नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से प्राणियों की सेवा करता है, उसके जीवन में करुणा, शांति और सद्भाव का विकास होता है। दया से बड़ा कोई दान नहीं और करुणा से बड़ा कोई धर्म नहीं।
आज की गौ-सेवा का लाभ श्रीमती मंजू राजकुमार हरण द्वारा लिया गया। इस अवसर पर समिति की ओर से हरण दंपति का शाल एवं माला पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि पहली बार बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भी सहभागिता करते हुए गौमाता को गो-ग्रास एवं गुड़ अर्पित किया।
समिति के सचिव राजकुमार हरण ने कहा कि आज सभी सदस्यों एवं मातृशक्ति की सहभागिता से उन्हें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि जीव दया को अपने जीवन का संस्कार बनाएं तथा सेवा और करुणा के इन कार्यों में नियमित रूप से सहभागी बनें।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों के जन्मदिन भी हर्षोल्लास के साथ मनाए गए। जन्मदिन पर दिलीप चतर, प्रकाश श्रीश्रीमाल, राजकुमार हरण एवं ऋषभ छाजेड़ का चंदनमल कोठारी, नेमीचंद जैन, अशोक लुक्कड़, रमणीक जैन सहित उपस्थित सदस्यों ने सम्मान किया। सभी सदस्यों ने समिति की सेवा गतिविधियों के लिए सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। वही अशोक लुक्कड़ ने माताश्री की पुण्य स्मृति में वरिष्ठ सेवा समिति की ओर से महावीर गौतम प्रसादी हेतु एक टाईम के नखरें की घोषणा की।
इस अवसर पर चंदनमल कोठारी, पुखराज कांठेड, अभय सुराणा, राजकुमार हरण, पुखराज पटवा, प्रकाशचंद पामेचा, नेमीचंद लोढ़ा, अशोक लुक्कड़, अशोक झामर, प्रकाशचंद श्रीश्रीमाल, प्रकाशचंद कोठारी, विनोद लुणिया, संजय सुराणा, प्रदीप सेठिया, राजेंद्र कोचर, दिलीप चतर मामा, शांतिलाल डागी, सुशील मेहता, विनोद बरमेचा, अशोक मेहता, कैलाश चोपड़ा, आनंदीलाल लोढ़ा, देवेंद्र धाड़ीवाल, हेमंत जैन, अनिल धाड़ीवाल (मंडी), सुरेंद्र संघवी, महेंद्र कोलन, अनिल श्रीश्रीमाल, ऋषभ छाजेड़, अजय पगारिया, भावेश हरण, अंकित हरण, मास्टर ग्रंथ हरण एवं मास्टर आरुष पटवा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मातृशक्ति में मंजू हरण, हेमलता कोचर, रंजना झामर, हंसा जैन, मनोरमा आंचलिया, ललिता श्रीश्रीमाल, स्नेहलता संघवी, अंगुलबाला चोपड़ा, मीनाक्षी पगारिया, प्रिया हरण एवं महिमा हरण विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन समिति के उपाध्यक्ष पुखराज पटवा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन वैवाहिक वर्षगांठ संयोजक प्रदीप सेठिया ने व्यक्त किया।