प्रकृति से प्रेम करना चाहिए, वन्य संरक्षण से ही मानव जीवन है – डॉ. अनुभा द्विवेदी


रतलाम 27 जुलाई । पौधारोपण एवं उनका संरक्षण करना हम सब की अहम जिम्मेदारी है प्रकृति से प्रेम करना चाहिए, वन्य संरक्षण से ही मानव जीवन है । पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्य जीव संरक्षण तथा वन्य प्राणियों के प्रति प्रेम एवं संवेदनशीलता के महत्व को समझना होगा । उक्त विचार वनमंडलाधिकारी डॉ. अनुभा द्विवेदी द्वारा श्री राम मंदिर रामगढ़ पर श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मणों महिला मंडल द्वारा आयोजित गरिमामय समारोह में व्यक्त किए।
उन्होंने सभी से अधिकाधिक से वृक्षारोपण करना, उनका संरक्षण करने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। आपने बताया कि वन मंडल द्वारा भी वर्षा काल के प्रारम्भ से ही बड़ी संख्या में पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है जो कि निरंतर जारी है । साथ ही उन्होने महिला मंडल द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं पर्यावणीय कार्यो की सराहना की और सभी सदस्यों को शुभकामना दी तथा सभी से अधिक से अधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण का आग्रह किया । कार्यक्रम के प्रारम्भ मे श्रीमती रश्मि व्यास द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। महिला मंडल की संस्थापक श्रीमती निर्मला उपाध्याय, अध्यक्ष श्रीमती सविता तिवारी, सचिव श्रीमती पदमा चाष्टा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनन्दा पंडित तथा संरक्षक डॉ. सुलोचना शर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती नीता उपाध्याय, उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन शर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती अनामिका जोशी एवं श्रीमती पूजा उपाध्याय द्वारा वनमंडलाधिकारी डॉ. अनुभा द्विवेदी का शाल श्रीफल एवं मोमेंटो भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया।
संस्था का परिचय अध्यक्ष श्रीमती सविता तिवारी द्वारा दिया गया । सचिव श्रीमती पदमा चाष्टा संस्था द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा अतिथि परिचय श्रीमती निर्मला उपाध्याय ने कराया । अंत में स्वल्पाहार पश्चात कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर श्रीमती राजेश्वरी जोशी, श्रीमती अनिता जोशी, श्रीमती साधना शर्मा, श्रीमती उर्मिला शर्मा, श्रीमती रंजना तिवारी, श्रीमती रीता तिवारी, श्रीमती निशा पौराणिक, श्रीमती गुंजन पंडित, श्रीमती ममता तिवारी, श्रीमती सुनिता साखी सहित बड़ी संख्या महिला मंडल की सदस्या उपस्थित रही । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती निर्मला उपाध्याय एवं आभार श्रीमती नीता उपाध्याय ने माना ।