अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने लाभार्थी सुराणा दंपति का किया बहुमान

जावरा (अभय सुराणा) । खरतरगच्छाधिपति जैनाचार्य 1008 श्रीपूज्य श्री जिनचंद्रसूरिजी म.सा. के पावन सान्निध्य में सुराणा परिवार द्वारा अंबिका रिसोर्ट, जावरा में आयोजित धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को “बाल सत्य साधना शिविर” का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 360 स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्म, संस्कार, अनुशासन एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े प्रेरणादायी सत्रों का लाभ प्राप्त किया।
शिविर के दौरान श्रीपूज्य श्री जिनचंद्रसूरिजी म.सा. ने बच्चों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म और संस्कार जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। बचपन में प्राप्त अच्छे संस्कार व्यक्ति को आदर्श नागरिक बनाते हैं। उन्होंने बच्चों से गुरुजनों, माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति विनय, अनुशासन एवं समर्पण का भाव रखते हुए सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इसी अवसर पर शिविर एवं कार्यक्रम के लाभार्थी अशोकजी सुराणा एवं श्रीमती गुणबाला सुराणा का अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की ओर से मोतियों की माला पहनाकर शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर बहुमान किया गया। संगठन ने धर्म, संस्कृति एवं समाजहित के कार्यों में सुराणा परिवार के उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया।
सम्मान समारोह श्रीपूज्य श्री जिनचंद्रसूरिजी म.सा. की पावन उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण, अशोक झामर, सुनील श्रीश्रीमाल, अमित झामर, पुखराज चत्तर सहित संगठन के पदाधिकारियों ने सुराणा दंपति का सम्मान कर उन्हें शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं। जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु के सान्निध्य में आयोजित ऐसे संस्कार शिविर नई पीढ़ी को नैतिकता, सेवा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन केवल सामाजिक सरोकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सदैव सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। संगठन भविष्य में भी धर्म एवं समाजहित के ऐसे आयोजनों में पूर्ण समर्पण के साथ सहभागी रहेगा। उन्होंने सफल आयोजन के लिए लाभार्थी अशोकजी सुराणा एवं श्रीमती गुणबाला सुराणा को बधाई देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
शिविर के दौरान बच्चों में धर्म के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर पूरे समय भक्तिमय एवं संस्कारमय वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाजजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति एवं सुराणा परिवार को शुभकामनाएँ दीं।