रतलाम वाल्मीकि समाज की अनोखी और प्रेरणादायक पहल

पगड़ी रस्म में फिजूलखर्ची छोड़ बाँटे 70 औषधीय पौधे: दिवंगत की स्मृति में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम। समाज में फिजूलखर्ची और कुप्रथाओं को दूर कर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देने वाली एक सराहनीय पहल रतलाम के वाल्मीकि समाज द्वारा की गई है। ब्रह्मलीन गृहस्थी संत महंत श्री गोपाल दास जी छप्री के सुपुत्र स्व. श्री पृथ्वीपाल छप्री (निधन: 19 जुलाई 2026) के 70 सावन पूर्ण होने की पुण्यस्मृति में उनकी पगड़ी रस्म (धूप तर्पण) पर अखिल विश्व गायत्री परिवार नगर ट्रस्ट, रतलाम के सौजन्य से पधारे सभी अतिथिगण को 70 पवित्र तुलसी (औषधीय) पौधे वितरित किए गए।उल्लेखनीय है कि वाल्मीकि समाज में मृत्यु भोज, नुक्ता और कपड़ा प्रथा (लेन-देन) पहले से ही पूर्णतः बंद है। इसी प्रगतिशील सोच को आगे बढ़ाते हुए समाज ने अब पर्यावरण संवर्धन को अपने संस्कारों से जोड़ा है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए उठते मजबूत कदम…..
नगर पुरोहित एवं गायत्री परिवार ट्रस्ट मिडिया प्रभारी प. शिवपाल जी छप्री सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अनिल खरे ने बताया कि इस वर्ष बढ़ी भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान से निपटने के लिए संपूर्ण रतलाम शहर में वृहद पौधारोपण का संकल्प लिया गया है। रतलाम-शिवगढ़ स्थित ‘भाई-बहन की पहाड़ियों’ पर भी बड़े पैमाने पर त्रिवेणी पौधारोपण का कार्य निरंतर जारी है। आदर्श वाल्मीकि पंचायत ने आह्वान किया है कि हर परिजन दिवंगत की पुण्यस्मृति और जन्मदिन जैसे शुभ अवसरों पर कम से कम एक छायादार या फलदार वृक्ष अवश्य लगाए।

कार्यक्रम में उपस्थिति एवं सहयोग:
इस अवसर पर आदर्श वाल्मीकि पंचायत के नगर पटेल विजय खरे, ग्रामीण 52 गाँव के पटेल रामलाल खरे (अमलेटा) इंदौर उज्जैन शाजापुर ओम्कारेश्वर खंडवा स्नावाद मंदसौर कोटा दाहोद ललितपुर राजपुर सरदारपुर झाँसी ग्वालियर सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
🌿 “पेड़ लगाकर दिवंगत की स्मृतियों को अमर बनाएं, धरा को हरा-भरा बनाएं

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