
रतलाम,28 जुलाई। मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में रत्नपुरी के रत्न श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय ने मंगलवार को करूणा-दयाभाव के विस्तार का आव्हान किया। उन्होंने प्रवचन में कहा कि करूणा का भाव ही मानवता है, इसलिए प्रत्येक जीव के प्रति करूणा के भाव का विस्तार करे। घर-परिवार से शुरूवात कर संपूर्ण जीव जगत तक करूणा रखोगे, तो आत्मा का कल्याण हो जाएगा।
मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य प्रवर्तकश्री ने कहा कि वर्षावास का समय जीवों के प्रति करूणा का समय ही होता है। संतों को इस दौरान एक ही जगह रहने की आजादी है, क्योंकि वर्षा के दौरान अनंत जीवों की उत्पत्ति होती है। उनकी विराधना ना हो, इसलिए सब जीवों की रक्षा के लिए साधु-साध्वी एक ही जगह पर रहते है। जीव-विराधना से जितने बचेंगे, उतने की पापों से बचेंगे। रात्रि में भोजन करना, जमीकंद खाना आदि जीवांे की विराधना के प्रतीक है, इनसे सदैव दूर रहना चाहिए।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि आजकल लोग रात्रि में भोजन ही नहीं करते, अपितु काटेज में जाकर पार्टियां भी करते है। विवाह के कार्यक्रमों में भी रात्रि के भोज होते है, जिनसे जीव विराधना होती है और कर्मों का बंधन होता है। थोडी देर का ये मजा, बडी सजा का पर्याय बनता है, इससे हमेशा बचने का प्रयास करना चाहिए। संसार में करूणा के बिना बोधि की प्राप्ति नहीं होती, इसलिए किसी जीव के प्रति असाधना का भाव नहीं रखे।
प्रवर्तकश्री ने कहा पानी के बिना जीवन नहीं चलता। अग्नि के बिना भी जीवन नहीं चलता और हवा के बिना भी जीवन नहीं चलता है। पंचेन्द्रियों के अधीन हर जीव एक-दूसरे का सहयोग करते है। पानी, अग्नि और हवा सभी हमारा सहयोग करते है, इसलिए हमे भी इनके प्रति गंभीर रहने की आवश्यकता है। हमे ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण हो। प्रवचन के आरंभ में जाप किए गए।
इस मौके पर प्रवर्तकश्री से कई तपस्वियों ने तप आराधना के प्रत्याख्यान लिए। प्रवचन के दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा, उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8,ं महासती श्री चंदनबालाजी मसा एवं सेवाभावी श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। इस अवसर पर श्री धर्मदास जैन श्री संघ सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण सहित प्रदेश-देश के विभिन्न स्थानों से आए गुरूभक्त उपस्थित थे। संचालन चातुर्मास समिति के मंत्री रखब चत्तर ने किया।