धर्म-त्याग-तपस्या करना है वो आज ही करें कल किसने देखा : महासती प्रफुल्ला श्री म सा

“गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आप 3 सामायिक का लक्ष्य जरूर रखे”

रतलाम 28 जुलाई।  अगर हर कोई यह सोच लेगा की एक मैं स्थानक नहीं जाऊंगा तो क्या फर्क पड़ जायेगा, बाकी सब तो जा ही रहे है, अगर सब यही सोच लेंगे तो क्या होगा जरा सोचो, अगर किटी पार्टी में न जाओ तो पेनेल्टी लगती है वैसे ही पेनल्टी यहाँ पर भी है, यहाँ की पेनल्टी बड़ी सीधी सीधी है, पाप में वृद्धि और पुण्य में कमी। उक्त विचार नीमचोक जैन स्थानक पर चातुर्मास हेतु विराजित महासाध्वी श्री प्रफुल्ला श्रीजी महाराज ने व्यक्त किए।
आपने कहा की चातुर्मास में त्रिशलानंदन की दुकान खुली है, यहाँ पर बिलकुल सच्चा माल मिलेगा, चातुर्मास काल में जीवो की उत्पत्ति बहुत ज्यादा होती है, इसलिए भगवान ने फ़रमाया है की संत सति एक जगह पर रुक कर धर्म आराधना करे और जिनवाणी का प्रचार प्रसार करे, अक्सर लोग कहते है की अगले चातुर्मास में धर्म आराधना तप तपस्या करेंगे अरे कल किसने देखा है, आज सभी इन्द्रिया स्वस्थ है, कल पता नहीं क्या होगा, अत: जो भी धर्म त्याग तपस्या करना है वो आज ही कर लो, आज हमारे सामने ऋषभ देव नहीं है महावीर नहीं है केवल उनकी बताई हुई जिनवाणी है, यही हमारा सहारा है।
संत सती घुमक्कड़ होते है, चातुर्मास के अलावा वे लगातार पैदल भृमण करते है, हम इस वर्ष लगभग 2000 किमी का विहार करके आये है तो आपका भी कर्तव्य बनता है की आप इस चातुर्मास में खूब धर्म आराधना करे और हमारा इतनी दूर आना सार्थक करे। सामायिक की कमाई प्रतिक्रमण की पूंजी जो न करे वो मुंजी, जब हम आपको बोलते है की बच्चों को सामायिक प्रतिक्रमण सिखाओ तो आपका जवाब होता है की मसा स्कूल की पढाई का बोझ बहुत ज्यादा है, ये नही कर पायेगा, फिर हम कहते है की आप सिख लो तो जवाब आता है की इस उम्र में अब याद नहीं रहता है, क्यों आपको दस साल पहले किसी ने पत्रिका में नाम नही लिखा था वो आज भी याद है, किसी को एक कटोरी बेसन दे दिया तो वो कटोरी लेना नही भूलते हो, ऑटो रिक्शा में यदि 4 लोगो के साथ बैठ गए तो ये यद् रहता है की पिछली बार किराया मेने दिया था, इस बार दूसरा देगा, ये सब बाते याद रहती है और सामायिक प्रतिक्रमण याद नहीं रहता, मतलब आपको जो बातें भूलने योग्य है वो याद रहती है और जो याद रहने योग्य है वो भूल जाते हो।
महासतिया जी ने फ़रमाया की गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 3-3 सामायिक का लक्ष्य जरूर रखे तथा प्रवचन सभा में आप सामायिक करके आसान पर बैठो दरी पर जमाई बैठते है और आसान में महावीर की संतान बैठती है संतान को ही संपत्ति में हिस्सा मिलता है, संत सती आजीवन सामायिक करते है आपको तो दिन में केवल एक घंटा प्रवचन के वक्त सामायिक करना है अत: ज्यादा से ज्यादा सामायिक करो। महासतिया जी ने फ़रमाया की इस धर्म सभा में 3 व्यक्तियों की आवश्यकता नही है, रायचंद, ज्ञानचंद और हुकुमचंद, हमने हमारे माता पिता की नहीं मानी उनके लाख मना करने के बाद भी दीक्षा ले ली तो आपकी राय क्यों मानेंगे आप धर्म सभा में आओ श्रावक बनकर श्राविका बनकर भगवन के भक्त बनकर, आप हमें तनिक समय दो हम आनंद से आपकी झोली भर देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play sound