स्कुल के दिनों को याद कर फिर बच्चे बने रविन्द्र नाथ टैगोर स्कुल 1994 बैच के पुर्व छात्र/ छात्राए, शिक्षकों को बुलाकर किया सम्मान

रतलाम । 26 जुलाई रविवार को वर्ष 1994 मे आरएनटी स्कुल से हायर सैकेण्ड्री पास करने वाले छात्र छात्राए 32 वर्षो बाद फिर एक साथ मिले। कनाडा, अमेरिका, पुणे, दिल्ली, मुम्बई, बडोदा, अहमदाबाद सहित कई शहरों मे बस चुके सभी दोस्त विगत कुछ वर्षो से आपस मे एक वाट्सएप ग्रुप से जुडे हैं । सभी ने मिलकर एल्यूमिनी मीट का आयोजन किया जिसमें नगर सहित दुर दुर से साथ पढे सहपाठी शामिल हुए । कार्यक्रम के अतिथी के रूप मे तत्समय के अध्यापक श्री अनिल मसीह(बासवाडा) श्री राम पाण्डे, श्री राजेन्द्र राठौर, श्री सुनील शर्मा, श्रीमती रष्मी तंखा तथा श्रीमती कुहू मैडम थे जिनका पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रमा प्रारंभ अतिथीयों के सामने सभी के परिचय से हुआ । अपने स्टुडेंटस कीे वर्तमान उपलब्धीयों केा देखकर सभी अतिथीयों का मन प्रफूल्लीत हो गया । आईआईटी दिल्ली मे कार्यरत नितीन चौरसीया, बदनावर बार एसोसिएषन के अध्यक्ष नरेन्द्र जाट, शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष फैयाज मंसूरी, बुरहानी गार्ड के अलीअजगर रायपुरियावाला,पत्रकार व प्रेस क्लब पुर्व सहसचिव नरेन्द्र अग्रवाल, ब्राह्मण बोर्डिग के न्यासी राजेश व्यास, बडोदा मल्टीनेशन कम्पनी के मैनेजर अनिरूद्व करंजीया, के साथ साथ प्रतिष्ठित व्यापारी, शासकिय कर्मचारी पुर्व छात्र छात्राओं के रूप मे उपस्थित थे।
आयोजन मे रतलाम सहित अन्य जगह से आये 34 पुर्व छात्र तथा 10 पुर्व छात्राए अपने अपने परिवार के साथ उपस्थित हुए। दो सप्ताह पुर्व रूपरेखा तैयार कर सभी ने अपने अपने दायित्व बांट कर पुरे आयोजन को अपने मुकाम तक पहुचांया। सभी ने अपने दोस्तों/ सहपाठीयों को ढुढने व कार्यक्रम से जोडने का काम किया गया वहीं श्रीमती सीमा मुणत (लुनीया) ने सभी सहपाठी रही लडकियों को आयोजन से जोडा।
बांसवाडा से आये अतिथी श्री अनील मसीह सर ने सभी छात्र / छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की । श्री राम पाण्डे सर ने संबंधित करते हुए सभी को उनकी की पुरानी शरारते याद दिलाई तथा ये भी बता दिया कि 30 वर्ष पुर्व कौन पढाई मे कैसा था। पुर्व छात्रों से जो सम्मान मिलता है वो ही जिवन की अमुल्य पूंजी हैं। श्री सुनील शर्मा सर ने अपने उद्बोधन मे नई व पुरानी पिढी के संस्कारों मे अंतर को परिभाषित किया तथा कहा कि आप सभी ने गुरूओं की मार को सम्मान दिया इसलिये आप पत्थर से तराशी हुई मुर्ति बन पाए हो।
श्री राजेन्द्र राठौर सर ने अपने उद्बोधन मे कहाॅ कि सभी को जिवन मे सफल होता देख अत्यंत प्रषन्नता होती हैं इस उम्र मे सभी स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहे व समाज को अपना सहयोग देते रहे। उपस्थित श्रीमती रष्मि मैडम एव श्रीमती कुहू मैडम द्वारा भी आर्षिवचन दिये।
सबसे मस्तीखोर रहे छात्रों ने अनिल सर को छडी देकर मार के साथ आर्शिवाद देने का कहाॅ लेकिन शिक्षको ने भावुकता के साथ पुराने छात्रों केा गले से लगा लिया । अतिथी के रूप मे उपस्थित शिक्षको का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया ।
कार्यक्रम मे आनन्द तनवानी, भुपेन्द्र पावेचा, रूपेश पटवा, फैयाज मंसुरी, अली अजगर, योगेश शर्मा, विशाल पोरवाल, राजेश व्यास, निलेश पावेचा, विजय जैन, नरेन्द्र अग्रवाल, राहुल सुराना, मदन वर्मा, अनीश नीमा, प्रतिश नीमा,निशांत जैन, अनिरुद्ध करंजिया, नितिन चौरसिया राजेश कसेरा, भुपेंद्र अजमानी,समीर उपाध्याय,दिपक कुमावत,विजय गुरयानी, मुकेश परमार, सीमा लुणीया, दर्षनी चैहान, रेखा पाण्डे, मुबीना ,नसरीन,रानी कटकानी, रेखा भाग्यवानी,विनीता सोलंकी, सुषमा भटेवरा, सहित बडी संख्या मे पुर्व छात्र / छात्राए तथा उनके परिवारजन सम्मलित हुए। कार्यक्रम का संचालन कवि डाॅ चंचल चौहान ने किया तथा आभार प्रदर्षन कार्यक्रम के संयोजक अभिसार हाडा (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत रतलाम) द्वारा व्यक्त किया गया।

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