धर्म का प्रभाव तभी दिखाई देता है जब वह हमारे आचरण उतरता है- मुनि साध्य सागर जी

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । भव्य शोभा यात्रा के साथ बीसपंथी मंदिर, मल्हारगंज में चातुर्मास के लिए मंगल आगमन (। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्रंमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य वात्सल्य ऋषि मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज व क्षुल्लक श्री विनय नंदीजी महाराज आज़ शनिवार को शांतिनाथ दिगंबर जैन बीसपंथी मंदिर, मल्हारगंज में भव्य मंगल प्रवेश हुआ । चातुर्मास संयोजक धर्मेन्द्र पाटनी ने बताया कि प्रातः 7:30 बजे लश्करी मंदिर, गोराकुंड चौराहे से बैंड-बाजों, एवं समाज जनों के जयघोष के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर ट्रस्ट कमेटी के मनमोहन झांझरी, राजेश पांड्या, अजयपाल टोंग्या ,प्रिसपाल टोंग्या बताया कि शोभायात्रा मल्हारगंज के विभिन्न मार्गों से होती हुई बीसपंथी मंदिर पहुँची । मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने मुनि संघ का पाद-प्रक्षालन आरती कर अपने जीवन को धन्य किया। इस अवसर पर महती धर्म सभा में मुनि श्री साध्यसागर जी महाराज ने कहा कि चातुर्मास आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि, संयम, स्वाध्याय और तप का अनुपम अवसर है। जीवन में क्षमा, करुणा, विनम्रता और सदाचार को अपनाना ही सच्ची धर्म साधना है। धर्म का प्रभाव तभी दिखाई देता है जब वह हमारे आचरण में उतरता है ।
इस अवसर पर समाज के श्रेष्ठिवर्ग अमित कासलीवाल , नरेश सेठी, एम के जैन, हंसमुख गांधी टीके वेद कैलाश वेद, निर्मल कासलीवाल , डीके जैन डीएसपी, जयदीप जैन पुर्व पार्षद राकेश विनायका कीर्ति पांड्या जेनेश झांझरी मनोज काला पारस जैन सहित सहित सैकड़ो की तादात में श्रद्धालु समाज जन उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र पाटनी ने किया स्वागत अजय रावका व भरत काला ने किया । मांगलिक क्रिया नगर गोरव नितिन झांझरी ने सम्पन्न की।

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