सफलता बाजार में नहीं मिलती, खुद को तराशना होगा: डॉ. आई. एम. सेठिया

युवाओं के लिए नीमचौक जैन स्थानक पर आयोजित हुआ प्रेरणादायी सेमिनार

रतलाम 3 अगस्त। श्री जैन दिवाकर नवयुवक मंडल के तत्वावधान में नीमचौक स्थित जैन स्थानक पर युवाओं और विद्यार्थियों के लिए “सपनों से सफलता तक” विषय पर एक दिवसीय मोटिवेशनल एवं लीडरशिप सेमिनार का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम वर्धमान तपोनिधि, जिनशासन प्रभाविका प.पू. प्रफुल्लाजी म. सा. आदि ठाणा-5 के पावन सानिध्य में आयोजित किया गया।
सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ. (सी.ए.) आई. एम. सेठिया (अध्यक्ष, अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर संगठन समिति) ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कामयाबी उपहार में नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही समय पर निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “सफलता आपकी मुट्ठी में है, यह बाजार में नहीं बिकती। आपकी सोच और निर्णय ही आपका भविष्य तय करते हैं।” उन्होंने युवाओं से अपनी आंतरिक क्षमता को पहचानकर असफलता को सफलता में बदलने का आह्वान किया।
जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए स्वयं का आत्मविश्वास दृढ़ निश्चय और लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी हे । एक घंटे से अधिक अपने अत्यंत प्रभावित उद्बोधन मे उपस्थित युवा शक्ति को सफलता की टिप्स देते हुए कहा कि सफलता आपकी मुट्ठी मे है प्रतिस्पर्धा के इस युग में खुद को ही तैयार कर तराशना होगा क्योंकि आपका निर्णय और आपका व्यक्तित्व ही आपका भविष्य है।
श्री सेठिया ने दृढ़ निश्चय, समर्पण और अनुशासन को सफलता का मूलमंत्र बताने के साथ ही महापुरूषों की जीवनी के प्रेरक प्रसंग प्रसंगों से युवा शक्ति को आव्हान किया कि स्वयं को असहाय कमजोर नहीं मानते हुए अपनी अंतरिक शक्ति को पहचान कर असफलताओं को सफलता मे बदलने के लिए संकल्प शक्ति को जाग्रत करे।
सफलता के लिए डॉ सेठिया ने समय की कीमत को पहचान कर जीवन मे सरलता, धैर्य, ईमानदारी, टीम भावना, विनम्रता और सकारात्मक मानसिकता जेसे गुण को विकसित कर अपने व्यक्तित्व का विकास कर खुद की ब्रांड इमेज बनाये और विश्वास जीत कर विश्वसनीयता कमाये और सफलता के अंतिम मुकाम पर पहुंच कर खुद के जीवन को सार्थक बनाए ऐसा आवहान युवाओं से किया।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर संगठन युवा समिति के अध्यक्ष रमेश मेहता ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो सफलता का श्रेय पूरी टीम को दे और असफलता की पूरी जिम्मेदारी खुद ले। उन्होंने स्पष्ट लक्ष्य और सेवा भावना को सफलता का आधार बताया। महामंत्री कमलेश दुग्गड़ ने युवाओं से मन का डर निकालकर सीखने की ललक पैदा करने की बात कही, वहीं संघ गौरव महेंद्र बोथरा ने नीतिगत लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच को प्रगति की कुंजी बताया।
कार्यक्रम में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष अजय खिमेसरा, नवयुवक मंडल अध्यक्ष आशीष कटारिया, संघ रत्न इंदर मल जैन, विनोद बाफना तथा कार्यक्रम संयोजक प्रितेश कटारिया ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का सफल संचालन अरिहंत बोराणा ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन विरेन्द्र कटारिया द्वारा किया गया। सेमिनार में बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों व गणमान्य समाजजनों की उपस्थिति रही।

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