
जावरा ((अभय सुराणा) । वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल प्रवक्ता अशोक तिवारी ने जारी एक बयान में बताया कि रतलाम मंडल पर यूनियन वर्षों से रेल कर्मचारियों के विश्वास और सदस्यता में अव्वल रही है। वर्ष 2026 से 2030 तक की सदस्यता में भी वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने रतलाम मंडल पर अपना प्रथम स्थान बरकरार रखा है।
यूनियन प्रवक्ता ने हाल ही में वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ द्वारा मीडिया में स्वयं को नंबर-1 बताने वाले दावे को पूरी तरह से भ्रामक, असत्य और रेल कर्मचारियों को गुमराह करने वाला करार दिया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रतलाम मंडल में कुल 13,237 रेल कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन की कुल सदस्यता 9,343 रही, जबकि मजदूर संघ की सदस्यता 9,337 रही। इस प्रकार WREU स्पष्ट रूप से 6 सदस्यों की बढ़त के साथ रतलाम मंडल पर प्रथम स्थान पर है।
इसके विपरीत दाहोद वर्कशॉप में 1,930 कर्मचारी कार्यरत हैं। यह वर्कशॉप प्रशासनिक रूप से रतलाम मंडल के बजाय मुंबई मुख्यालय (HQ) से संचालित होता है तथा दाहोद वर्कशॉप की सदस्यता की गिनती और हर पांच वर्ष में होने वाले मान्यता के चुनावों में इसके वोट अलग से ही जोड़े जाते हैं। इसे मंडल की सदस्यता में शामिल करना पूरी तरह से नियमविरुद्ध और भ्रामक है। यूनियन के पदाधिकारियों ने मजदूर संघ के दावों को खारिज करते हुए कहा कि
”मजदूर संघ ने अपनी घटती साख को छिपाने के लिए दाहोद वर्कशॉप की अलग सदस्यता को मंडल की सदस्यता में जोड़कर गलत आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। जबकि वास्तविकता में यूनियन ही सदस्यता में आगे है तथा वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन सदैव निष्ठा और ईमानदारी से रेल कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों के लिए संघर्षरत रही है।