18 राज्यों के वरिष्ठ कार्यकर्ता होंगे शामिल, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठेगी मांग

जावरा। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने बताया कि कर्नाटक के मैसूर में राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश जी महाराज साहब के पावन एवं भव्य चातुर्मास के अवसर पर अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच का 21वाँ तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकर्ता अधिवेशन 7 अगस्तसे प्रारंभ होकर 9 अगस्त तक चलेगा
उन्होंने बताया कि राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश जी महाराज के मुख्य साध्य में आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित देश के 18 राज्यों से धार्मिक, सामाजिक के साथ ही राजनीतिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी भाग ले रहे हैं।
राष्ट्रीय मंत्री विशाल मेहता के अनुसार अधिवेशन में गौरक्षा, व्यसन मुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण, अल्पसंख्यक समाज से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श, “विधवा नहीं, वीरांगना कहो” सम्मान अभियान, साधु-साध्वी सेवा, विहार एवं ठाणापति व्यवस्था तथा तपस्वियों के लिए पारणा पुड़िया एवं सेवा व्यवस्थाओं सहित पाँच प्रमुख विषयों पर व्यापक चिंतन एवं मंथन किया जाएगा।
अधिवेशन में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखने का प्रस्ताव भी विचारार्थ रहेगा। इसके साथ ही युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का संवर्धन तथा सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में पवित्रता, पारदर्शिता एवं सेवा-भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश जी महाराज अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन, सेवा, संस्कार, राष्ट्रहित और समाजोत्थान के विविध आयामों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
अधिवेशन में पूज्य घनश्याम मुनि, कौशलमुनि, अक्षतमुनि एवं सक्षममुनि महाराज का भी पावन सानिध्य प्राप्त होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन विस्तार, जीव दया, गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, युवा जागरण तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अधिवेशन संगठन के सेवा, संस्कार और समर्पण के अभियान को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा समाजहित के अनेक रचनात्मक कार्यों का आधार बनेगा।