“हादसा होने का इंतजार क्यों?”

  • पूर्व नपा अध्यक्ष अनिल दसेड़ा का प्रशासन पर तीखा सवाल, बस स्टैंड की जर्जर छत, बंद स्विमिंग पूल और कॉलोनी की सड़क-नाली को लेकर सौंपा मांग पत्र
  • बस स्टैंड की छत से हटें 10 पानी की टंकियां, पत्रकार कॉलोनी की सड़क-नाली तत्काल खोली जाए और 2.10 करोड़ का स्विमिंग पूल शुरू हो; सीएमओ से तीन प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग

जावरा ((अभय सुराणा) । शहर की तीन महत्वपूर्ण जनसमस्याओं को लेकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को विस्तृत रूप से मांग पत्र सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बस स्टैंड की जर्जर छत से यात्रियों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे, पत्रकार कॉलोनी-काटजू नगर की बंद सड़क एवं नाली से लोगों को हो रही परेशानी तथा वर्षों से बंद पड़े करोड़ों रुपये की लागत से बने स्विमिंग पूल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। दसेड़ा ने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी गंभीर दुर्घटना और जनआक्रोश की स्थिति बन सकती है।

बस स्टैंड की जर्जर छत पर मंडरा रहा खतरा
अनिल दसेड़ा ने बताया में कि 23 जुलाई को बस स्टैंड की छत का प्लास्टर गिरने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के करीब 15 दिन बाद भी नगर पालिका द्वारा न तो क्षतिग्रस्त छत हटाने की कोई ठोस कार्ययोजना बनाई गई और न ही उसकी मरम्मत शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड की दूसरी मंजिल पर 10 से अधिक पानी की टंकियां तथा भारी मात्रा में अनुपयोगी सामग्री रखी मिली। इन टंकियों में लगभग 5 हजार लीटर पानी का अतिरिक्त भार छत पर बना हुआ है। दसेड़ा ने बताया कि सबसे पहले इन टंकियों और वेस्ट मटेरियल को हटाकर छत का भार कम किया जाए, इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में छत की विधिवत मरम्मत कर यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

बंद सड़क और नाली से सैकड़ों परिवार परेशान
मांग पत्र में दसेड़ा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा हरियाखेड़ा रोड एवं नाली निर्माण के दौरान पत्रकार कॉलोनी और काटजू नगर की पुरानी नाली एवं सड़क बंद कर दी गई। इसके कारण नाली का पानी जमा होकर तालाब का रूप ले चुका है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है, मच्छर और कीटों का प्रकोप बढ़ गया है तथा लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले पत्रकार कॉलोनी और काटजू नगर के सैकड़ों नागरिक एवं विद्यार्थी हरियाखेड़ा रोड के माध्यम से सीधे पिपलौदा रोड और आसपास की कॉलोनियों तक पहुंचते थे, लेकिन अब मार्ग बंद होने के कारण उन्हें करीब एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर फोरलेन से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
दसेड़ा ने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री से चर्चा करने पर उन्होंने समस्या के समाधान की जिम्मेदारी नगर पालिका अथवा कॉलोनाइजर की बताई। उन्होंने सीएमओ से समन्वय स्थापित कर इस गंभीर समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की।

2.10 करोड़ का स्विमिंग पूल बना शोपीस
पूर्व नपा अध्यक्ष ने शहर के स्विमिंग पूल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्व परिषद द्वारा लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक स्विमिंग पूल लंबे समय से बंद पड़ा है। युवाओं के खेल, स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए तैयार की गई यह महत्वपूर्ण सुविधा आज उपेक्षा का शिकार होकर बदहाली पर आंसू बहा रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद आज तक स्विमिंग पूल शुरू नहीं किया गया। यदि यही स्थिति बनी रही तो करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति धीरे-धीरे पूरी तरह अनुपयोगी हो जाएगी।

जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग
अनिल दसेड़ा ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी से मांग की कि बस स्टैंड की जर्जर छत से अतिरिक्त भार हटाकर उसकी तत्काल मरम्मत कराई जाए, पत्रकार कॉलोनी-काटजू नगर की बंद सड़क और नाली को पुनः चालू कराया जाए तथा लंबे समय से बंद स्विमिंग पूल को शीघ्र शुरू कर शहर के युवाओं को फिर से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका का दायित्व केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और करोड़ों रुपये की सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संरक्षण करना भी है। जनहित से जुड़े इन मामलों में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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