- उद्योगपतियों को अपने उद्यम संचालन हेतु रियायती दर पर मिलेगा नगर निगम का ट्रीटेड वाटर
- ₹12 प्रति हजार लीटर की दर प्रस्तावित; भविष्य में पाइपलाइन से औद्योगिक क्षेत्र तक नियमित जल आपूर्ति की योजना

रतलाम। औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के संचालन के लिए आवश्यक जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। औद्योगिक इकाइयों को जल संकट से राहत दिलाने और उत्पादन गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त श्री अनिल जी भाना ने उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर जल समस्या के तत्काल एवं स्थायी समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की।
स्वच्छ भारत मिशन केंद्र, सिविक सेंटर स्थित नगर निगम हॉल में हुई बैठक में औद्योगिक क्षेत्र में जल की वर्तमान आवश्यकता, टैंकरों पर निर्भरता से उद्योगों को होने वाली कठिनाइयों तथा भविष्य में बढ़ने वाली जल आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में तत्काल राहत के साथ दीर्घकालीन एवं स्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने को लेकर भी सकारात्मक पहल सामने आई।
₹12 प्रति हजार लीटर की रियायती दर पर मिलेगा ट्रीटेड वाटर
नगर निगम आयुक्त श्री अनिल जी भाना ने उद्योगों की आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए खेतलपुर स्थित नगर निगम के STP प्लांट से उद्योगपतियों को ₹12 प्रति हजार लीटर की रियायती दर पर ट्रीटेड वाटर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
प्रारंभिक व्यवस्था के तहत उद्योगपति अपने टैंकरों के माध्यम से खेतलपुर स्थित STP प्लांट से ट्रीटेड वाटर प्राप्त कर सकेंगे। इससे औद्योगिक इकाइयों को तत्काल जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी तथा पानी की कमी के कारण उत्पादन और अन्य आवश्यक औद्योगिक गतिविधियों में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सकेगा।
यह व्यवस्था विशेष रूप से उन उद्योगों के लिए राहतकारी होगी, जहां उत्पादन प्रक्रिया, कूलिंग, परिसर की सफाई, सैनिटाइजेशन, मशीनरी एवं अन्य औद्योगिक कार्यों के लिए नियमित रूप से पानी की आवश्यकता होती है।
टैंकर व्यवस्था तत्काल समाधान, पाइपलाइन से स्थायी आपूर्ति की योजना
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि टैंकर के माध्यम से जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था तत्कालिक समाधान के रूप में होगी। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों की संख्या और भविष्य में बढ़ने वाली जल आवश्यकता को देखते हुए दीर्घकाल में औद्योगिक क्षेत्र तक पाइपलाइन के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, एमएसएमई मंत्रालय के मार्गदर्शन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा लघु उद्योग निगम के सहयोग से आवश्यक कार्यवाही एवं योजना को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
जल संकट से उद्योगों की लागत और संचालन दोनों प्रभावित
औद्योगिक क्षेत्र में पानी की उपलब्धता केवल एक मूलभूत सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह उद्योगों के निरंतर एवं सुचारु संचालन से सीधे जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण संसाधन है। वर्तमान में अनेक औद्योगिक इकाइयों को अपनी जल आवश्यकता पूरी करने के लिए बाहरी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे पानी की उपलब्धता के साथ टैंकर की व्यवस्था, परिवहन, समय और अतिरिक्त लागत जैसी व्यावहारिक समस्याएं भी सामने आती हैं।
नगर निगम द्वारा ट्रीटेड वाटर रियायती दर पर उपलब्ध होने से उद्योगों को जल की उपलब्धता के साथ परिचालन लागत में भी राहत मिल सकेगी। वहीं, भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र तक पाइपलाइन के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति शुरू होने पर टैंकरों पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी। इससे उद्योगों के संचालन की लागत और व्यवस्थागत कठिनाइयों में कमी आने की उम्मीद है।
नियमित जल आपूर्ति से उत्पादन और निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
औद्योगिक क्षेत्र में पर्याप्त एवं नियमित जल उपलब्धता से वर्तमान उद्योगों को अपने उत्पादन कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी। साथ ही यह सुविधा नए उद्योगों की स्थापना, मौजूदा इकाइयों के विस्तार और नए निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विशेषकर कूलिंग, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग एवं अन्य जल-आधारित औद्योगिक गतिविधियों के लिए पानी आवश्यक संसाधन है। नियमित जल आपूर्ति से उत्पादन में अनावश्यक व्यवधान कम होंगे, उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।
उद्योग जगत की दृष्टि से यह पहल औद्योगिक विकास, उत्पादन की निरंतरता, परिचालन लागत में कमी, स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों के बेहतर पालन तथा भविष्य के निवेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ईसीसी के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त का जताया आभार
एंटरप्रेन्योर कॉफी क्लब (ECC) के प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों की जल समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए तत्काल समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करने के लिए नगर निगम आयुक्त श्री अनिल जी भाना का आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि ट्रीटेड वाटर की तत्काल व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र तक स्थायी पाइपलाइन आधारित जल आपूर्ति की योजना को भी विभागीय समन्वय एवं जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में शीघ्र मूर्त रूप दिया जाएगा।
ईसीसी के श्री वैभव कुमार जैन एवं श्री वरुण पोरवाल ने कहा –
उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना औद्योगिक विकास की बुनियादी आवश्यकता है। जल जैसी आवश्यक सुविधा की नियमित उपलब्धता से न केवल मौजूदा उद्योगों को राहत मिलेगी, बल्कि रतलाम में नए निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
चर्चा के दौरान नगर निगम के सहायक यंत्री श्री विनोद पाटीदार, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री अतुल बाजपेई, एंटरप्रेन्योर कॉफी क्लब के श्री वरुण पोरवाल (सचिव, मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज), श्री वैभव कुमार जैन (अध्यक्ष, नमकीन एवं अलाईड फूड क्लस्टर) एवं उद्योगपति श्री ललित चोपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री अनिल सारड़ा तथा सचिव श्री रोहित मालपानी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
औद्योगिक क्षेत्र में जल उपलब्धता के तत्काल समाधान के साथ स्थायी जल आपूर्ति की दिशा में हुई यह पहल रतलाम के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधा, उत्पादन में निरंतरता एवं लागत नियंत्रण का लाभ मिलने के साथ भविष्य में औद्योगिक विस्तार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।