कलेक्टर ने तहसीलदार रतलाम ग्रामीण प्रतिभा भाभर को जारी किया कारण बताओ नोटिस
रतलाम 9 अगस्त । आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन के निर्देशों के पालन में प्रेषित न्यायालयीन प्रकरणों में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने एवं प्रकरणों के अनावश्यक लंबित रहने के संबंध में कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया द्वारा तहसीलदार रतलाम ग्रामीण प्रतिभा भाभर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन के न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में न्यायालय कलेक्टर, जिला रतलाम के प्रकरण क्रमांक 07, 08, 017/अ-21/2021-22 में आवश्यक जांच एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने हेतु प्रकरण तहसीलदार रतलाम ग्रामीण प्रतिभा भाभर के स्तर पर प्रेषित किए गए थे।
उक्त प्रकरणों में आयुक्त, उज्जैन संभाग के निर्देशों के परिपालन में अभिलेखीय पासबुक दिनांक 18/07/2024 के अनुसार संबंधित भूमियों के वर्तमान उपयोग एवं मौके की स्थिति संबंधी जांच प्रतिवेदन 7 दिवस में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रतलाम ग्रामीण के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने हेतु निर्देशित किया गया था। किन्तु राजस्व अधिकारियों की बैठक 6 अगस्त 2026 में न्यायालय कलेक्टर में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि उपरोक्त प्रकरण 5 वर्ष से अधिक अवधि से लंबित हैं। तहसीलदार रतलाम ग्रामीण प्रतिभा भाभर द्वारा जांच प्रतिवेदन अप्राप्त होने के कारण प्रकरणों का समयावधि में निराकरण नहीं हो सका तथा न्यायालयीन कार्यवाही प्रभावित हुई।
इससे यह परिलक्षित होता है कि सौंपे गए न्यायालयीन दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा का पालन नहीं किया गया है। प्रकरणों का दीर्घ अवधि तक लंबित रहना तथा निर्देशों के उपरांत भी समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण नहीं किया जाना कार्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है।
उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) (i), 3(1)(ii) एवं 3(1)(iii) के विपरीत होकर कदाचरण, शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है।
तहसीलदार रतलाम ग्रामीण को अपना स्पष्टीकरण 2 दिवस के भीतर विलंब के कारणों सहित तथा संबंधित मूल प्रकरण कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण एवं मूल प्रकरण प्रस्तुत नहीं किए जाने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।