
इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। है युवाओं! तुम्हारे माता-पिता के पास खूब संपदा हो लेकिन तुम्हारी किस्मत में नहीं होगी तो नहीं मिलेगी। राजा के यहां जन्म लेने वाला बालक जरूरी नहीं कि राजा ही बनेगा। किस्मत का खेल देखो की कहां तो अयोध्या नरेश दशरथ पुत्र श्री राम का कल सुबह राजतिलक होने वाला था था,लेकिन बीच में रात, कल की क्या बात? जिसे रात गुजरने के बाद सुबह अयोध्या का राजा बनना था वह सूर्योदय के पूर्व वनवासी बन गया। इसलिए इंदौरी भव्य आत्माओं कभी भी ना तो अपनी किस्मत पर, ना मां बाप दादा की संपत्ति,वसीयत, एवं भगवान और अपने हाथ की लकीरों पर भी विश्वास मत करना। विश्वास ही करना है तो अपने पुरुषार्थ, कर्म, और स्वयं की मेहनत से बहाए पसीने पर करना।
यह उद्गार मंगलवार को ,श्रमण संस्कृति के महाश्रमण मुनिपुंगव सुधा सागर जी महाराज ने दलाल बाग मे आयोजित धर्म सभा में व्यक्त किए। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गुरुदेव ने कहा कि पुरुषार्थ और पसीने में आपके हाथ की लकीरों को बदलने की ताकत है। किस्मत और भाग्य के भरोसे मत रहना और मां जिनवाणी, आगम, धर्म, पुरुषार्थ और कर्म पर विश्वास करना।
चरित्र की चर्चा करते हुए जगत पूज्य ने कहा कि घर में रहने वाले लोगों का चरित्र कैसा है यह घर के दीवारों पर टंगे चित्रों से पता चल जाता है। चित्र से
आपके अंतरंग की दशा का पता चल जाता है कि आपका मन और चरित्र कैसा है? कभी-कभी तुम गुपचुप अपने बच्चों के मोबाइल को भी देख लिया करो ताकि तुम्हें भी पता चल सके कि मोबाइल में कैसे कैसे चित्र डले हैं?
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दादू ने बताया कि
मुनिश्री ने यह भी कहा ०जिस प्रकार स्नान ग्रह गंदगी धोने के लिए हैं इस प्रकार मंदिर, अभिषेक, शांति धारा, प्रवचन, णमोकार की जाप, भक्तांबर पाठ और चातुर्मास भी आपके पाप कर्म और मन की कलुषता को धोने के लिए हैं।
० पूर्व जन्म के कर्मों को काटने और उनका फल भोगना ना पड़े एवं किस्मत को बदलने के लिए धर्म है
० स्वार्थ, लोभ और सैंपल
(प्रयोग) की भावना से धर्म और पुण्य के कार्य मत करो
धर्म और पुण्य कार्य जब भी करो श्रद्धा, विवेक और निस्वार्थ भाव से करो। इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी डॉ जैनेन्द्र जैन,कमल जैन भुपेंद्र जैन अरविंद अखिलेश सोधीया नरेंद्र नायक राहुल सेठी एवं सपना मनीष गोधा, श्रीमती मुक्ता जैन सोनाली बागढीया आदि समाज जन धर्म सभा में उपस्थित थे।