


रतलाम। डॉ. कैलासनाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम में निर्मल ज्योति स्पेशल स्कूल, रतलाम के विशेष (दिव्यांग) विद्यार्थियों द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित राखियों की बिक्री के साथ-साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष(दिव्यांग) विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना तथा उनमें देशप्रेम एवं राष्ट्रीय भावना को जागृत करना था। निर्मल ज्योति स्पेशल स्कूल रतलाम के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत एवं रचनात्मक कौशल से सुंदर हस्तनिर्मित राखियाँ तैयार कीं, जिन्हें महाविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्वक खरीदा गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तिरंगे के महत्व, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। विशेष विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सहभागिता की।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुराधा तिवारी, सहायक प्रा.डॉ. जितेंद्र शर्मा, श्री विजय मुवेल, डॉ. सोना नागर, लेक्चरर श्रीमती मीनाक्षी कुमार, श्रीमती रंजू शर्मा, श्रीमती अर्चना धाकड़, वंदिता प्रजापत, आभा शर्मा, डॉ. चंचल सिंह सहित कार्यालयीन कर्मचारी एवं महाविद्यालय के विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे।
निर्मल ज्योति स्पेशल स्कूल, रतलाम के डायरेक्टर फादर शिंटो थॉमस के मार्गदर्शन में विद्यालय की फैकल्टी ममता पेट्रे, हिमानी द्रविड़, रानी झाला एवं जैस्मिन मसीह विशेष विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक एवं कौशल विकास गतिविधियों के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही हैं। राखी निर्माण एवं बिक्री में विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने सहभागिता की
जूनियर कक्षा अहेद, केशव, प्रदीप एवं अभय।
मिडिल कक्षा मोहम्मद, दिव्यांश एवं लक्ष्य अग्रवाल।
सीनियर कक्षा मयूर राठौर एवं राजा।
महाविद्यालय परिवार एवं विधि विद्यार्थियों ने विशेष विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से समान अवसर, संवेदनशीलता, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रप्रेम का सकारात्मक संदेश दिया गया।