10 दिवसीय दशा माता महोत्सव का धार्मिक एवं परंपराओं के साथ शुभारंभ

13वें वर्ष में प्रवेश कर रहा आयोजन, धर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समरसता का दिया जा रहा संदेश

रतलाम। अर्धनारीश्वर किन्नर परिवार एवं माँ के लाडले आर.के. यादव मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय दशा माता महोत्सव का धार्मिक एवं परंपराओं के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। अर्धनारीश्वर किन्नर परिवार द्वारा आयोजित यह महोत्सव इस वर्ष अपने 13वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर रतलाम स्थित श्री ओकाला गणपति के समीप चामुंडा माता मंदिर में दशा माता के विग्रह एवं उनके वाहन ऊंट का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। सर्वप्रथम चामुंडा माता की पूजा-अर्चना कर देवी-देवताओं का स्मरण एवं ध्यान किया गया। इसके पश्चात मंत्रोच्चार के साथ दशा माता का विधिवत पूजन कर सर्वजन के सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली, आरोग्यता एवं कल्याण की मंगलकामना की गई।
पूजन के उपरांत दशा माता के विग्रह को सुसज्जित रथ में विराजित कर भजन-कीर्तन एवं माता के जयघोष के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा श्री ओकाला गणपति से प्रारंभ होकर बसंत कॉलोनी स्थित गुरु माँ काजल गुरु जागीरदार के निवास तक पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, माँ के लाडले, युवा एवं स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। भजन-कीर्तन एवं माता के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

13 वर्षों से आस्था के साथ जनकल्याण का संदेश
अर्धनारीश्वर किन्नर परिवार द्वारा पिछले 12 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा दशा माता महोत्सव इस वर्ष 13वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ समस्त प्रजाजन एवं समाज की सुख-समृद्धि, खुशहाली, आरोग्यता एवं सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामना करना है।
इसके साथ ही महोत्सव के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण एवं शुद्ध वातावरण की कामना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया जाता है। गुरु माँ का कहना है कि मानव जीवन प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसी भावना के साथ प्रतिवर्ष दशा माता की स्थापना कर लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है।
दशा माता महोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ-साथ आपसी सामंजस्य, प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है। किन्नर परिवार का प्रयास है कि समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे के साथ मिलकर रहें और प्रकृति, पर्यावरण तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

10 दिनों तक होंगे धार्मिक आयोजन
महोत्सव के अंतर्गत आगामी 10 दिनों तक प्रतिदिन दशा माता का विधिवत पूजन, श्रृंगार एवं आरती की जाएगी। आयोजकों के अनुसार विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहने की संभावना है।

22 अगस्त को विशेष पूजन, हवन एवं महाआरती
महोत्सव के अंतर्गत 22 अगस्त को दशा माता का विशेष पूजन, हवन, पूर्णाहुति एवं भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।
अर्धनारीश्वर किन्नर परिवार की गुरु काजल गुरु जागीरदार ने समस्त जनमानस से आग्रह किया है कि दशा माता महोत्सव के दौरान माता के दर्शन एवं पूजन का लाभ लें तथा 22 अगस्त को आयोजित विशेष महाआरती में सम्मिलित होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करें एवं प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करें।
उन्होंने माता दशा से समस्त परिवारों में सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली एवं आरोग्यता के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सामाजिक समरसता तथा शुद्ध एवं स्वच्छ पर्यावरण की मंगलकामना की।

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