मिट्टी के गणेश अपनाने वाली गणेश उत्सव समितियाँ सम्मानित

रतलाम। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सेवावीर परिवार द्वारा प्रतिवर्षानुसार लक्कड़ पीठा, रतलाम में भारत माता पूजन एवं राष्ट्रध्वज ध्वजारोहण का आयोजन राष्ट्रभक्ति, श्रद्धा एवं सामाजिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में परम पूज्य स्वामी श्री श्री 1008 विशोकानंद भारती जी महाराज, निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर एवं आचार्य महामण्डलेश्वर तथा परम पूज्य स्वामी श्री देवस्वरूपानंद जी महाराज, अखंड ज्ञान आश्रम का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत भारत माता पूजन से हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य संतों के कर-कमलों से राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण किया गया। तिरंगा लहराते ही परिसर भारत माता की जय एवं वन्दे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित सेवावीरों एवं अतिथियों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।‘मेरे घर आएंगे मिट्टी के गणेश अभियान’ के अंतर्गत समितियों का सम्मानस्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर सेवावीर परिवार द्वारा चलाए जा रहे “मेरे घर आएंगे मिट्टी के गणेश अभियान” के अंतर्गत रतलाम नगर की उन गणेश उत्सव समितियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जो मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर धर्म एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दे रही हैं।परम पूज्य संतों के कर-कमलों से इन समितियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित एवं आशीर्वादित किया गया।सम्मानित समितियों में महाराष्ट्र समाज रतलाम, जो विगत 97 वर्षों से निरंतर मिट्टी के गणेश जी की स्थापना कर रहा है; सियाराम ग्रुप, लोहार रोड, जो विगत 3 वर्षों से सेवावीर परिवार के आग्रह पर मिट्टी के गणेश जी स्थापित कर रहा है; रुद्राक्ष ग्रुप, टाटा नगर, जो विगत 12 वर्षों से निरंतर मिट्टी के गणेश जी की स्थापना कर रहा है; श्री दाऊजी धाम सेवा समिति, इंदलौक नगर, जो इस वर्ष सेवावीर परिवार के आग्रह पर मिट्टी के गणेश जी स्थापित कर रही है; विनायक ग्रुप, जवाहर नगर, जो विगत 7 वर्षों से निरंतर मिट्टी के गणेश जी की स्थापना कर रहा है; बड़बड़ एकता ग्रुप, जो विगत 4 वर्षों से सेवावीर परिवार के आग्रह पर मिट्टी के गणेश जी स्थापित कर रहा है; श्री साई रेसिडेंसी गणेश उत्सव समिति, जो विगत 3 वर्षों से निरंतर मिट्टी के गणेश जी की स्थापना कर रही है तथा शिवाजी विराट ग्रुप, मालिकुआँ, जो विगत 17 वर्षों से निरंतर मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित कर रहा है।आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का संकल्पसेवावीर परिवार ने कहा कि मिट्टी के गणेश को अपनाना केवल प्रतिमा बदलने का विषय नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक आस्था को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। “आस्था भी रहे, प्रकृति भी बचे, परंपरा भी चले और आने वाली पीढ़ियों में संस्कार भी आएँ”—इसी भाव के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।अभियान के माध्यम से समाज से आह्वान किया गया कि गणेश उत्सव में मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी जाए, POP की प्रतिमाओं से दूरी बनाई जाए तथा धार्मिक आयोजनों को पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनाया जाए।सेवावीर परिवार का संकल्प है कि “एक दिन रतलाम POP मुक्त अवश्य होगा।” इसके लिए गणेश उत्सव समितियों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों एवं समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता को आवश्यक बताया गया।सेवावीर परिवार ने यह भी आह्वान किया कि प्रत्येक घर में मिट्टी के गणेश आएँ, प्रत्येक गणेश पंडाल में मिट्टी के गणेश विराजें और प्रत्येक समिति अपने धार्मिक आयोजन के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश समाज तक पहुँचाए।इस अवसर पर सेवावीर परिवार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रध्वज के सम्मान का पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज, संस्कृति और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को स्मरण करने का भी अवसर है। धर्म और पर्यावरण संरक्षण के ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कार एवं प्रेरणा का आधार बनेंगे।कार्यक्रम के अंत में परम पूज्य संतों के प्रति सेवावीर परिवार द्वारा आभार व्यक्त किया गया तथा सम्मानित सभी गणेश उत्सव समितियों का अभिनंदन करते हुए उनके पर्यावरण हितैषी प्रयासों के लिए साधुवाद दिया गया।भारत माता की जय!वन्दे मातरम्!गणपति बप्पा मोरया!