
रतलाम। आज भील समाज (आदिवासी समाज) की प्राचीन ऐतिहासिक सामाजिक धरोहर भील विश्रांति गृह (भील धर्मशाला) को बचाने के लिए स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व श्रद्धा पूर्वक हर्षोल्लास के साथ धवजारोहण (झण्डा वंदन) किया गया । आदिवासी एकता परिषद्, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति( जयस), आदिवासी छात्र संगठन,वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था रतलाम महाराणा पूंजा भील जन कल्याण संगठन, मध्य प्रदेश अजाक्स संगठम, एवम समस्त आदिवासी सामाजिक के सयुक्त तत्वाधान में ध्वजारोहण किया गया। सभी अतिथियों ने आपने संबोधन में कहा कि समाज के सभी भाईयो स्वतंत्रता दिवस की अस्सी वी वर्षगाठ की लाख लाख बधाई शुभ कामनाएं तथा आज आदिवासी समाज की सामाजिक ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए और इस मातृभूमि की रक्षा के कई महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहूति दी है यदि इसे बचाने के लिए हमे अपने प्राण न्यौछावर करना पड़े तो हम तैयार है हम मरते दम तक इसका संरक्षण करते रहेंगे । हम अपने पूर्वजों का इतिहास मिटने नही देंगे। इस अवसर पर डॉ आर सी किहोरी,समाजसेवी किशोर बारिया, एडवोकेट दिनेश हारी, उमेश बारिया, नाहरू निनामा, कमल भुरीया, विजय डोडियार, कृष्णा भाई, भोलारामभाई, शिवा भाई,कालू भाई, निलेश चौहान, आसू भुरीया, फिरोज भाई, अजय भुरीया, समाजसेवी सूरतलाल डामर आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।